सहारनपुर। अपर मुख्य सचिव पशुपालन विभाग मुकेश मेश्राम ने आज नगर निगम सहारनपुर द्वारा संचालित माँ शाकंभरी कान्हा उपवन गौशाला का निरीक्षण करते हुए गौशाला में निर्मित गौ-उत्पादों का अवलोकन और समस्त व्यवस्थाओं का आकलन किया।
सभी व्यवस्थाओं से प्रभावित हो अपर मुख्य सचिव ने न केवल नगर निगम अधिकारियों की प्रशंसा की बल्कि निगम की कान्हा गौशाला को प्रदेश के सभी गौशाला प्रभारियों को अपने मोबाइल से लाइव दिखाते हुए सहारनपुर की निगम गौशाला का मॉडल अपनाने की सीख दी। पशु पालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम आज नवादा रोड स्थित नगर निगम द्वारा संचालित मां शाकंभरी कान्हा उपवन गौशाला पहुंचे और समस्त व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्य अभियंता निर्माण एवं गौशाला के वरिष्ठ प्रभारी सुरेश चंद से गौ-उत्पादों के सम्बंध में जानकारी ली। सुरेश चंद ने बताया कि गौशाला में गोमूत्र से गोनाइल, गोबर से जैविक खाद, स्टिक, राखी, पानी में तैरने वाले दिए, बंदनवार, स्वास्तिक, धूप, सामग्री, बच्चों के खिलौने व गौमय गुलाल सहित करीब 26 उत्पाद बनाये जा रहे हैं। जिसके लिए निगम की गौशाला को उसकी उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी एवं गौशाला प्रभारी डॉ संदीप कुमार मिश्र ने अपर मुख्य सचिव को बताया कि नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देशन में गौशाला में गोबर से निर्मित बायोगैस से ऊर्जा उत्पादन करते हुए गौशाला के विद्युत संयंत्र, चारा काटने की मशीन, सबमर्सिबल पंप और चूल्हा संचालित किया जा रहा है। इतना ही नहीं गौशाला में आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन और सेक्स सॉर्टेड सीमेन का प्रयोग करते हुए गौवंश की नई संतति तैयार की जा रही है, इस पर अपर मुख्य सचिव ने अत्यंत हर्ष व्यक्त किया। अपर मुख्य सचिव ने गौशाला में गोवंश हेतु की जा रही व्यवस्थाओं से प्रभावित होते हुए प्रदेश की समस्त गौशालाओं के प्रभारियों को नगर निगम सहारनपुर की कान्हा गौशाला को अपने मोबाइल से लाइव दिखाया और उससे प्रेरणा लेते हुए गौशालाओं का संचालन करने के लिए प्रेरित किया। अपर मुख्य सचिव ने गौशाला की निरीक्षण पुस्तिका में अपनी टिप्पणी करते हुए निगम अधिकारियों की प्रशंसा की। उन्होंने लिखा-‘‘ चौकर आदि र्प्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कान्हा गौशाला में 512 गौवंश संरक्षित है। व्यवस्था एवं प्रबंधन अच्छा है। अनेक गोबर उत्पाद भी निर्मित किये जा रहे हैं। चारे व भूसे की व्यवस्था अच्छी है। जो संतति एआईध्ईटीटी से 27 गाय पैदा की गयी हैं। इन्हें जरुरतमंद लोगों को सहभागिता योजना के अंतर्गत वितरित कराया जा सकता है। सेवाभावी दानदाताओं का सहयोग, सराहनीय है। नगर निगम के अधिकारियों की प्रशंसा की जाती है।’’ निरीक्षण के दौरान अपर नगरायुक्त प्रदीप कुमार, सीवीओ एम पी सिंह, डिप्टी सीवीओ के के नागर आदि भी उपस्थित रहे।
गोबर से बिजली और 26 प्रकार के उत्पादः मां शाकम्भरी कान्हा उपवन ने पेश की स्वावलंबन की मिसाल