- जिलाधिकारी कार्यालय पर आशा कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन
सहारनपुर। जनपद में कार्यरत शहरी आशा कार्यकर्ताओं ने लंबे समय से रुके मानदेय और भुगतान संबंधी समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मानी जाती हैं, लेकिन बावजूद इसके उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि आशा कार्यकर्ताओं को पिछले छह माह से किसी भी प्रकार का मानदेय नहीं मिला है। अधिकारियों द्वारा मार्च माह में भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन मार्च और अप्रैल दोनों महीनों में भी भुगतान नहीं किया गया। इसके अलावा, वर्ष 2024 से संचारी रोग, डेंगू, टीबी सर्वे, आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी जैसे कार्यों का भी कोई पारिश्रमिक अभी तक नहीं मिला है।
आशा कार्यकर्ताओं ने यह भी मांग उठाई कि उन्हें एकमुश्त और स्थायी मानदेय दिया जाए तथा राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान किया जाए। उनका कहना है कि वे बच्चों के टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखरेख, डिलीवरी संबंधित कार्यों सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं, लेकिन इसके अनुरूप उन्हें सुविधा और वेतन नहीं मिल रहा।
ज्ञापन के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से शीघ्र कार्रवाई करते हुए रुका हुआ मानदेय दिलाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे आंदोलन करने को बाध्य होंगी। धरने में मुख्य रूप से प्रीति शर्मा, प्रमिला, मुनेश देवी, सुषमा देवी, प्रियंका, राखी, राधा, सरिता सैनी, उषा, पूजा ,सुदेश, संगीता, डोली, यासमीन, कविता, सुषमा, प्रियंका, रेखा, मीरा, बबीता, सरोज, प्रियंका, शशि कला, बलजीत आदि महिला मौजूद रही।
राज्य कर्मचारी का दर्जा और स्थाई मानदेय की मांग