सहारनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लेकर लिए गए ऐतिहासिक निर्णय का भारतीय किसान यूनियन (पथिक) ने पुरजोर स्वागत किया है। सरकार के इस फैसले से अब प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड व्यवस्था में बदल दिया जाएगा, जिससे स्थानीय बिजली उपभोक्ताओं और किसानों को पहले की तरह हर महीने बिल प्राप्त होगा।
यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रीपेड मीटरों के कारण भारी समस्याएं आ रही थीं। रिचार्ज खत्म होते ही बिजली अचानक कट जाने से किसानों को पशुओं का चारा काटने और पानी भरने जैसे जरूरी कार्यों में बाधा आती थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले से अब उपभोक्ताओं को रिचार्ज की चिंता से मुक्ति मिलेगी और मीटर पोस्टपेड की तरह काम करेंगे।
आज के डिजिटल युग में शिक्षा पूरी तरह बिजली और इंटरनेट पर निर्भर है। छात्र ऑनलाइन क्लास लेते हैं, ऐसे में प्रीपेड मीटर में बैलेंस खत्म होने पर अचानक बिजली गुल होने से उनकी पढ़ाई बाधित होती थी। सरकार के इस कदम से अब छात्रों को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
स्मार्ट मीटर विवाद पर सरकार का ऐतिहासिक निर्णयः उपभोक्ताओं को रिचार्ज की चिंता से मिली मुक्ति