सहारनपुर। भारतीय जनता पार्टी के 10 वर्ष के कार्यकाल में सरकारी नियुक्तियों में आरक्षण की बड़ी लूट का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीते 10 वर्षों में संपन्न कराई गईं 22 सरकारी परीक्षाओं में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के हक के 14,514 पदों की लूट की गई है, जो संविधान प्रदत्त अधिकारों का सीधा हनन है। चौधरी अब्दुल वाहिद आज अंबाला रोड स्थित सपा जिला कार्यालय पर आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
सपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार में दलितों और पिछड़ों के अधिकारों को पूरी तरह से कुचला जा रहा है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर तैयार की गई पीडीए ऑडिट रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े प्रस्तुत किए। वाहिद ने दावा किया कि 65,000 शिक्षक भर्ती में 29.22 प्रतिशत आरक्षण की लूट की गई है, जिसे खुद सरकार ने 2022 में माना था कि इसमें सही रूप से आरक्षण लागू नहीं हुआ। प्रेस वार्ता के दौरान सपा जिला अध्यक्ष ने विभिन्न सरकारी विभागों में पदवार हुई कथित विसंगतियों की सूची जारी की। शिक्षक भर्ती में 65,000 शिक्षक भर्ती में बड़ा खेल, सहायक शिक्षक भर्ती में 429 पद। लेखपाल व ग्राम विकास में लेखपाल भर्ती 2025 में 960 पद और ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती में 232 पद। कृषि विभाग में कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती 2024 में 434 पद और कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती 2026 में 5 पद, बांदा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी भर्ती 2021 में 5 पद। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग में पशु चिकित्सक भर्ती 2025 में 81 पद, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी भर्ती 2025 में 55 पद, चिकित्सा अधिकारी आयुर्वेदिक भर्ती 2025 में 54 पद और चिकित्सा अधिकारी होम्योपैथिक भर्ती 2025 में 2 पद। चौधरी अब्दुल वाहिद ने भाजपा पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा, भाजपा केवल धर्म और जाति की राजनीति कर समाज में नफरत फैलाने का काम कर रही है। समाजवादी पार्टी इस नफरत की राजनीति को समाप्त करेगी। साल 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता इस अन्याय का जवाब भाजपा को वोट की चोट देकर करेगी।
प्रेस वार्ता के दौरान जिले के कई वरिष्ठ सपाई नेता और पदाधिकारी एकजुट नजर आए, जिनमें मुख्य रूप से पूर्व सांसद हाजी फजलुर रहमान, विधायक उमर अली खान, पूर्व विधायक माविया अली, महानगर अध्यक्ष नवाब अंसारी, पूर्व मंत्री मंगाराम कश्यप, ममता चौधरी, रमेश पवार, चौधरी सलीम अख्तर, रतन यादव, चौधरी अब्दुल गफूर, प्रवक्ता एवं कार्यालय प्रभारी फैसल सलमानी, ताहिर हसन, चौधरी आबूबाकर, मुस्तकीम राणा, काशिफ अल्वी, हसीन कुरैशी, फरहान खान, शाहिद मंसूरी, जिंदा हासन, सांसद प्रतिनिधि सैयद हसना और वेदपाल पटनी आदि शामिल रहे।
चुनावी हुंकारः 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता वोट की चोट से देगी इस अन्याय का जवाब