सहारनपुर। गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले एक हफ्ते से तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सुबह 10 बजते ही सूरज की किरणें तीखी होने लगती हैं, जिससे दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, पछुआ हवाओं के चलने और आसमान साफ रहने के कारण तापमान में अचानक उछाल आया है। सहारनपुर का अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जो सामान्य से काफी अधिक है। बढ़ती तपिश के कारण दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बाजारों में बढ़ी ठंडे पेय पदार्थों की मांग
भीषण गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए लोग अब ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। शहर के कोर्ट रोड, घंटाघर और अंबाला रोड स्थित बाजारों में गन्ने का जूस, बेल का शरबत और लस्सी की दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। वहीं, बढ़ती गर्मी ने बिजली की मांग भी बढ़ा दी है, जिससे कुछ इलाकों में लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती की समस्या भी सामने आ रही है।
गर्मी ने बदला स्कूलों का मिजाज
बढ़ते पारे का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर दिख रहा है। दोपहर के समय छुट्टी होने पर बच्चों को चिलचिलाती धूप का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने अब जिला प्रशासन से स्कूलों के समय में बदलाव करने की मांग उठानी शुरू कर दी है ताकि बच्चों को लू के प्रकोप से बचाया जा सके।
कूलर-एसी के बाजारों में उमड़ी भीड़
अचानक बढ़ी गर्मी ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बाजार को रफ्तार दे दी है। बाजारों में पंखे, कूलर और एसी की खरीदारी के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस साल अप्रैल में ही मई-जून जैसी मांग देखने को मिल रही है, जिससे स्टॉक कम पड़ने लगा है।
बेजुबानों पर भी भारी पड़ रही तपिश
भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों पर भी साफ देखा जा रहा है। शहर के पार्कों और बागों में पक्षी पानी की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी छतों और बरामदों में पक्षियों के लिए पानी के पात्र (सकोरे) जरूर रखें।