सहारनपुर। प्राथमिक विद्यालय नकुड़ नंबर 2 में दिव्यांग बच्चों के शिक्षण एवं प्रशिक्षण के लिए स्थापित रिसोर्स सेंटर का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर नगर की प्रमुख समाजसेविका प्रतिभा जैन ने कहा कि दिव्यांगता को समाज में अभिशाप के रूप में देखना गलत है। उन्होंने कहा कि यदि दिव्यांग बच्चों के मन से हीन भावना को दूर कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाए, तो इसके सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से सामने आएंगे।
मुख्य अतिथि समाजसेविका फराना राव ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिसके जरिए दिव्यांग बच्चों को समाज में सम्मानपूर्वक स्थान दिलाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान स्पेशल एजुकेटर चंद्रमणि रुहेला, विपुल कुमार शर्मा और कमलेश कुमार शर्मा ने अभिभावकों को रिसोर्स सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र में टीएलएम किट, स्पीच ट्रेनर, ऑडियो डिवाइस, साउंड सिस्टम, खेलकूद सामग्री, टैक्टाइल मैप, ब्रेल संसाधन, एलईडी उपकरण, टॉकिंग कैलकुलेटर और व्यायाम उपकरण जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जो दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास में सहायक होंगी।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुशील कुमार ने दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उनके नामांकन पर विशेष जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक बच्चे इस सुविधा का लाभ उठा सकें। इस मौके पर राजेश जैन, निशात फातिमा, शाजिया कुरैशी, निशा सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन चंद्रमणि रुहेला द्वारा किया गया।
प्राथमिक विद्यालय में दिव्यांग बच्चों के लिए आधुनिक रिसर्स सेंटर का उद्घाटन