सहारनपुर। पृथक श्पश्चिम प्रदेशश् के निर्माण की माँग को लेकर पश्चिम प्रदेश निर्माण संयुक्त मोर्चा के संयोजक और मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद से उनके नई दिल्ली स्थित निवास पर मुलाकात की। इस दौरान सांसद को ज्ञापन सौंपकर अलग राज्य के निर्माण में सहयोग की अपील की गई।
मुलाकात के दौरान भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक विशाल राज्य होने के कारण यहाँ कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं पर नियंत्रण पाना कठिन हो गया है। उन्होंने तर्क दिया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों को मिलाकर पृथक राज्य बनाना समय की सबसे बड़ी मांग है। वर्मा ने हाई कोर्ट बेंच का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 45 वर्षों के संघर्ष के बाद भी यहाँ बेंच नहीं मिल पाई है, जिसके कारण करोड़ों लोगों को न्याय के लिए 700 किलोमीटर दूर प्रयागराज जाना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि अलग राज्य बनने पर यहाँ आईटी हब बनेंगे और प्रति व्यक्ति आय वैश्विक स्तर पर कतर और लक्जमबर्ग जैसे देशों के बराबर होगी।
प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करते हुए सांसद इमरान मसूद ने कहा कि पूर्व मंत्री चौधरी अजीत सिंह और काजी रशीद मसूद साहब ने भी हमेशा अलग राज्य की वकालत की थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह आगामी संसद सत्र में पृथक पश्चिम प्रदेश के निर्माण के लिए प्रस्ताव रखेंगे। उन्होंने कहा कि अलग राज्य बनने से यहाँ की 8 करोड़ जनता को सीधा लाभ होगा और स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। सांसद ने व्यक्तिगत रूप से भी इस संघर्ष में साथ देने की बात दोहराई।
मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव कर्नल सुधीर चौधरी ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के विभाजन की मांग सन 1925 से चल रही है। भारत रत्न चौधरी चरण सिंह और के.एम. पणिकर ने भी उत्तर प्रदेश को चार भागों में बांटने का समर्थन किया था। उन्होंने सभी सांसदों और विधायकों से एकजुट होकर विधानसभा और संसद में प्रस्ताव पास कराने की अपील की।
अलग राज्य बनने से बढ़ेगी प्रति व्यक्ति आय, सांसद इमरान मसूद ने पश्चिम प्रदेश निर्माण को दिया समर्थन