सहारनपुर। उद्योगों के ज्ञानवर्धन और उत्पादों की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर सुदृढ़ करने के उद्देश्य से होटल दि ओएसिस में उद्योग संवेदीकरण कार्यक्रम “मानक मंथन” का भव्य आयोजन किया गया। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), देहरादून द्वारा इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए), सहारनपुर चौप्टर के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 150 उद्यमियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित बीआईएस देहरादून के निदेशक हेमंत बी. आडे ने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो देश का राष्ट्रीय मानक संस्थान है, जो गुणवत्ता संवर्धन में अहम भूमिका निभाता है। सहायक निदेशक सौरभ चौरसिया ने विशेष रूप से फर्नीचर उद्योग पर चर्चा करते हुए बताया कि कई उत्पादों पर गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) लागू हो चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीआईएस प्रमाणन के बिना निर्माण या बिक्री करना न केवल असुरक्षित है, बल्कि इस पर कानूनी कार्यवाही भी हो सकती है।
अधिकारियों ने उद्यमियों को बताया कि बीआईएस लाइसेंस लेने से उत्पाद की विश्वसनीयता बढ़ती है, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा करना आसान हो जाता है। इसके अलावा, सरकारी निविदाओं में भागीदारी और निर्यात के अवसरों में भी भारी वृद्धि होती है। कार्यक्रम के दौरान एक विशेष प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उद्यमियों ने लाइसेंस प्रक्रिया, परीक्षण प्रयोगशालाओं और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं रखीं। बीआईएस अधिकारियों ने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ सभी प्रश्नों का समाधान किया।
आईआईए चौप्टर चेयरमैन गौरव चोपड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान दौर में केवल उत्पादन करना काफी नहीं है, बल्कि उत्पादों का मानकीकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उद्योगों को नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप सक्षम बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक हेमंत बी. आडे, सहायक निदेशक सौरभ चौरसिया, आईआईए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रामजी सुनेजा, चैप्टर चेयरमैन गौरव चोपड़ा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.के. धवन और प्रमोद सडाना सहित अन्य पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सचिव कुशल शर्मा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र मोहन कालड़ा, संजय बजाज, एस. कुमार अरोड़ा और भारी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे। अंत में आईआईए की टीम द्वारा बीआईएस अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
बीआईएस और आईआईए के मानक मंथन में गुणवत्ता पर चर्चा, 150 उद्यमियों ने जाना मानकीकरण का महत्व