सहारनपुर। श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास आचार्य सुबोध कपिल ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान के स्वरूप को जान पाना संभव नहीं है क्योंकि भगवान सृष्टि के पालनहार हैं।
कथा व्यास आचार्य सुबोध कपिल नवीन नगर स्थित शिव मंदिर परिसर में कुंवर राजेश्वर सिंह के संयोजन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा का रसपान करा रहे थे। संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य सुबोध कपिल ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने अपने बालकपन में ही अपनी मां के सम्मुख भगवान होने के जैसे ही दर्शन दिए तो माँ भी उनके समुख नतमस्तक हो गई। उन्होंने कहा कि भगवान की लीलाओं को आज तक भी कोई नहीं जान सका और भगवान ही सृष्टि के पालनहार हैं हमें सदैव उनका स्मरण करना चाहिए। आचार्य सुबोध कपिल ने कथा का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के स्मरण करने से ही मानव का कल्याण संभव है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में श्रीमद् भागवत कथा का स्मरण करना चाहिए।
इससे पूर्व यज्ञाचार्य आचार्य अनिल कपिल, पंडित राजीव शर्मा, पंडित विकास शर्मा ने व्यास पीठ का पूजन कराया। इस दौरान कुंवर राजेश्वर सिंह, रोहित सिंह, अमन प्रताप सिंह ने कथा व्यास आचार्य सुबोध कपिल का तिलक कर प्रणाम किया। इस अवसर पर राजेंद्र सिंह पुंडीर, अजय ठाकुर, ठाकुर शिवकुमार सिंह, ठाकुर चरण सिंह, ठाकुर बलकार सिंह, मंदिर समिति के अध्यक्ष ब्रह्मपाल राणा, सर्वजीत शर्मा, रेखा सिंह, सोनिया सिंह, रजनी चौहान, सपना चौहान, पूनम सिंह, राघवेंद्र सिंह, ईशा सिंह समेत भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर निहाल हुए श्रद्धालु