सहारनपुर। हरिद्वार से गंगाजल लेकर हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले शिव भक्तों की कांवड़ यात्रा को सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए जिला कांवड़ संघ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांवड़ संघ के अध्यक्ष संजय फुटेला ने बताया कि सहारनपुर से गुजरने वाले कांवड़ियों की सेवा और मंगलकामना के लिए जगह-जगह शिविर लगाए जाते हैं। इस वर्ष संघ का मुख्य संकल्प कांवड़ यात्रा को श्हरित, स्वच्छ, सुरक्षित एवं अनुशासितश् बनाना है। उन्होंने शिविर संचालकों और कांवड़ियों से अपील की कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक, डिस्पोजेबल क्रॉकरी, पॉलीथिन और प्लास्टिक के सजावटी सामान का उपयोग बिल्कुल न करें।
अध्यक्ष ने यात्रा के नियमों का पालन करने पर जोर देते हुए कहा कि डीजे की आवाज शासन द्वारा तय मानकों के अनुसार ही रखी जाए। कांवड़ की बनावट नियमानुसार हो और अत्यधिक ऊंचाई वाली कांवड़ व झांकियों से परहेज किया जाए। झांकी में भगवान का स्वरूप बनाकर प्रदर्शन करने और अनुचित संगीत या नृत्य से बचने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि महादेव को प्रसन्न करने का वास्तविक मार्ग पूजा के साथ-साथ उनकी बनाई सृष्टि की रक्षा करना भी है। जिला कांवड़ संघ के महामंत्री रविकांत धीमान ने बताया कि गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा का ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा। पूरे जिले में लगभग 85 सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। शिविर संचालक पिछले दो महीनों से बड़े श्रद्धा भाव से सावन माह का इंतजार कर रहे हैं ताकि भोले के भक्तों की निस्वार्थ सेवा की जा सके।
स्वच्छ हरित कांवड़ यात्रा समिति के सहारनपुर प्रभारी वैभव जी ने शिविरों में प्लास्टिक गिलास, प्लेट, कटोरी और चम्मच के स्थान पर स्टील या पुनः उपयोग में आने वाले बर्तनों का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया। वहीं, प्रेस वार्ता में राजा जैन ने कांवड़ यात्रियों से आग्रह किया कि वे यात्रा के दौरान संभव हो तो अपने खाने-पीने के बर्तन साथ रखें। जनसहयोग और छोटी-छोटी सावधानियों से इस यात्रा को पूरी तरह पर्यावरण-हितैषी बनाया जा सकता है। इस दौरान अध्यक्ष संजय फुटेला, महामंत्री रविकांत धीमान, राजा जैन, यशपाल त्रेहन, पंकज बजाज, पीयूष जी, वैभव जी, सतीश जी, रामचंद्र जी सहित अनेक शिविर संचालक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
स्वच्छ, हरित और अनुशासित होगी इस बार की कांवड़ यात्रा, जिला कांवड़ संघ ने दिए निर्देश