व्यापारी राजनीति के भीष्म पितामह स्व. नेकीराम गर्ग की पुण्यतिथि पर प्रीत विहार कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा आयोजित

A tribute meeting was held at the Preet Vihar office on the death anniversary of the late Nekiram Garg, the grand patriarch of the trading community's politics.

सहारनपुर। व्यापारी राजनीति के भीष्म पितामह, व्यापारिक एकता के प्रबल पुरोधा और संपूर्ण उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संस्थापक श्रद्धेय स्वर्गीय नेकीराम गर्ग की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रीत विहार स्थित जिला कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर शत-शत नमन किया। गौरतलब है कि 22 जुलाई को संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक से वापस लौटते समय हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में उनका निधन हो गया था। व्यापारी समाज के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई लड़ने वाले नेकीराम गर्ग आज भी व्यापारी हितैषी विचारों के रूप में अमर हैं। श्रद्धांजलि सभा में संपूर्ण उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष जयवीर राणा ने श्रद्धेय गर्ग को याद करते हुए कहा कि कुछ व्यक्तित्व समय की सीमाओं में नहीं बंधते, वे अपने विचारों और कर्मों से इतिहास रचते हैं। श्रद्धेय नेकीराम गर्ग जी ऐसे ही युगद्रष्टा थे, जिन्होंने व्यापारी समाज को न केवल संगठित किया, बल्कि उसे आत्मसम्मान, अधिकार और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए संघर्ष करना भी सिखाया। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण व्यापारी हितों की रक्षा और संगठन को मजबूत बनाने में समर्पित कर दिया।
जिला अध्यक्ष जयवीर राणा ने आगे कहा कि नेकीराम गर्ग जी ने जिस संगठन रूपी बीज को अपने परिश्रम, त्याग और दूरदर्शिता से बोया था, वह आज संपूर्ण उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के रूप में एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। यह संगठन पूरे प्रदेश के व्यापारी समाज को छाया, शक्ति और सम्मान प्रदान कर रहा है। उन्होंने हमेशा इस मंत्र को माना कि संगठित व्यापारी ही सशक्त व्यापारी होता है। इसी विचार के साथ उन्होंने हजारों व्यापारियों को एक परिवार की तरह जोड़ने का कार्य किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने यह संकल्प लिया कि स्व. नेकीराम गर्ग जी के अधूरे सपनों को साकार करने, व्यापारी समाज के सम्मान की रक्षा करने और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करेंगे। सभा में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि महापुरुष कभी विदा नहीं होते, वे अपने विचारों में सदैव जीवित रहते हैं। श्रद्धेय नेकीराम गर्ग जी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा, साहस और संगठन की पाठशाला बना रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *