- 14 पीड़ित महिला श्रमिकों में से 12 की उपचार के बाद छुट्टी
सहारनपुर। सहारनपुर के थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के हरोड़ा गांव में स्थित पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ सपा नेता फजर्लुरहमान कुरैशी की एएलएम मीट फैक्टरी में ठंडा करने वाले पाइपों के जोड़ से अचानक हुई अमोनिया गैस के रिसाव के प्रकरण की जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान के आदेश पर उच्चाधिकारियों की एक टीम ने आज दिनभर जांच की।
फजर्लुरहमान कुरैशी ने आज बताया कि इतने बड़े मीट संयंत्र में यह मामूली घटना थी। उस स्थान पर पैकिंग कर रही एक दर्जन से ज्यादा महिलाओं के आंखों में जलन और आंसू आना, चक्कर और उल्टी होने की शिकायत मिलने पर उन्हें पास के प्राइवेट हरि मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 10 महिलाओं को कल शाम और एक को आज सुबह छुट्टी दे दी गई और तीन उपचाराधीन हैं।
फजर्लुरहमान कुरैशी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर टेक्नीकल कर्मचारियों ने 15 से 20 मिनट के भीतर पाइप के जोड़ पर वेल्डिंग कर गैस रिसाव को बंद करा दिया था। जिलाधिकारी ने गैस रिसाव की जांच के लिए एसडीएम सदर सुबोध कुमार के नेतृत्व में संबंधित विभाग के अधिकारियों की टीम गठित की है। जिसने आज पूरे दिन इस मामले की जांच की। रिपोर्ट मिलने के बाद इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
संबंधित थाना गागलहेड़ी के पुलिस निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने आज बताया कि इस संबंध में थाने में अभी तक कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। जांच टीम में शामिल एडिशनल डायरेक्टर फैक्टरी रवि प्रकाश ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इस दल में श्रम अधिकारी शैलेंद्र शिवम त्रिपाठी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डा. योगेंद्र कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. मदनपाल सिंह गौड़ आदि शामिल हैं।
डा. मदनपाल सिंह गौड़ ने बताया कि इस मीट प्लांट की 600 पशु कटान की प्रतिदिन की क्षमता है और जांच में पाया गया कि प्लांट स्वामी के पास पशु कटान का वैध लाइसेंस है। एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने बताया कि जांच दल शीघ्र से शीघ्र अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान को दे देगा। मीट प्लांट के प्रबंधक डा. आजम ने बताया कि गैस लीक होने की सूचना मिलते ही उस पर तत्काल नियंत्रण पा लिया गया था और सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। फैक्टरी में दुर्घटना होने पर सुरक्षात्मक सभी उपाय किए गए हैं। प्रबंधक डा. आजम ने कहा कि गैस रिसाव की सूचना मिलते ही पीड़ित महिलाओं के परिजनों को सूचना दे दी गई थी।
मीट प्लांट में सुरक्षा मानको की उच्च स्तरीय जांच