सहारनपुर। सफाई कार्य का ठेका निजी हाथों में दिए जाने के विरोध में आज सफाई कर्मचारी संघ के विभिन्न संगठनों ने संयुक्त रूप से नगर निगम परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया।
आज नगर निगम परिसर में उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस, उप्र स्थानीय निकाय संयुक्त सफाई कर्मचारी संघ के नेतृत्व मे सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर धरना दिया । धरने को संबोधित करते हुए बृजमोहन चनालिया, अम्बर चंदेल, अविनाश बिरला न कहा कि जब से सफाई व्यवस्था निजी हाथों में सौंपी गयी है। तब तब सफाई कर्मचारियों का आर्थिक, शारीरिक और मानसिक शोषण हुआ है। वर्तमान कार्यरत कर्मचारी बहुत मेहनत और लगन से सफाई कार्य करता है तभी तक तो नगर सहारनपुर की स्वच्छता रैंक प्रतिवर्ष बढ़ रही है। शहरी आजीविका केन्द्र द्वारा सभी सफाई कर्मचारियों का समय पर वेतन, ईएसआई ईपीएफ आदि देती है और कर्मचारियों का शोषण भी नही करती है। इस कारण वर्तमान शहरी आजीविका केन्द्र से कर्मचारियों की आपूर्ति पर समस्त सफाई कर्मचारी खुश हैं। सभी कर्मचारियों की पूरजोर मांग है कि यदि हम सभी सफाई कर्मचारियों को निजी कम्पनी को 78 करोड में बेचा गया तो समस्त सफाई कर्मचारी काम बन्द कर हडताल पर चले जायेंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
विनोद घावरी, चेतन चनयाने, रघुवीर चन्देल, वरदान घावरी ने कहा कि नगर निगम प्रशासन अपने निजी स्वार्थ के कारण वर्तमान वेतन और सफाई खर्च 56 करोड प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 78 करोड प्रतिवर्ष में निजी कम्पनी को सौंपना चाहती हैं। जबकि नगर निगम को प्रतिवर्ष कुल आय की 40 से 45 करोड़ है। तब तो निश्श्चत ही कर्मचारियों को कई-2 माह वेतन नहीं मिलेगा और सफाई कर्मचारी भूखों मर जायेगा। जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे और किसी भी कीमत पर सफाई कर्मचारियों के निजी हाथों में बिकने नहीं देंगे। धरना प्रदर्शन में नगर निगम के समस्त सफाई कर्मचारी शामिल रहें। विशेष रूप से महेन्द्र वैद, अब्दुल गफार, सुनील घाघट, हिमांशु, कमल किशोर, राजकुमार, रतन अमित, आशु बिरला, बबीत डबराल, सोनू बिरला. राजकुमार चन्देल, मुनेश, तौसीफ, रतन्, रोहित, कुलदीप हंस, उदय महरोक, नाधीराम आदि शामिल रहे।
निजीकरण के विरोध में उतरा सफाई कर्मचारी संघः 78 करोड़ के टेंडर पर उठाए सवाल