सहारनपुर। जिलाधिकारी कार्यालय पर हसनपुर चौराहे से सर्किट हाउस रोड के सड़क चोड़ी कारण मामले में जो मकान ध्वस्त किए गए पीड़ित व्यक्तियों ने जिला अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी द्वारा नामित पांच अधिकारी किए गए थे सिटी मास्टर साहब ने सुबह 10ः00 बजे का समय दिया गया था लेकिन दोपहर 2ः00 बजे तक कोई अधिकारी पीड़ितों को सुनने के लिए नहीं पहुंचा तो उसके बाद आक्रोशित ग्राम वासियों ने अधिकारों की मांग करने पर नगर मजिस्ट्रेट आक्रोशित ग्रामीणों के बीच में पहुंचे ग्रामीण अपनी जमीन और मुआवजे की मांग कर रहे थे तो इस पर सिटी में स्टेट में मजिस्ट्रेट ने एक सप्ताह का समय मांगा है। ग्रामीण को आश्वासन दिया कि आपको इसाफ दिया जाएगा लेकिन ग्रामीण चिल्ला रहे थे कि जिनके खिलाफ एंटी करप्शन कोर्ट में मुकदमा है उन्हें कोई जांच अधिकारी बनाया गया इसे हमें जांच की कोई उम्मीद नहीं है प्रदर्शन कार्यों का कहना था की सिंचाई विभाग की राजबाहे के मध्य से कच्ची पटरी पर 20 फुट को पूरी करके बाकी जो हमारी जमीन वापस दिया जाए और बिना नोटिस के बुलडोजर चला गया। नोटिस और चार दिन के नोटिस पर कोई मकान तोड़कर दोबारा नहीं बन जा सकता और उसमें भी एक दिन का समय के बाद बुलडोजर से गरीब व्यक्तियों के मकान ध्वस्त करना यहअव्यावहारिक है गरीब व्यक्तियों ने की महिलाओं ने अपने नाक और कान के जेवर गिरवी रखकर अपने मकान की मरम्मत कराई जा रही है।
एडवोकेट राजकुमार ने कहा की हाई कोर्ट के आदेशों की जिला प्रशासन ने अवहेलन की है। मुआवजा देकर पुनरवास क्षति पूर्ती करने का आदेश हाईकोर्ट यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिए थे लेकिन जिला प्रशासन ने आवहेलना करते हुए हाई कोर्ट के आदेशों का भी उल्लंघन किया है और एंटी करप्शन कोर्ट में सभी अधिकारियों को तलब किया गया है। अभी तक अधिकारियों की आपत्ति दाखिल नहीं हुई और नए ही हाई कोर्ट में काउंटर फाइल जवाब दिया है प्रशासनिक अधिकारियों की तानाशाही गरीब व्यक्तियों पर ही चलती है कोरी माजरा के सामने सिगरेट फैक्ट्री की दीवार करीब 10 फुट का अतिक्रमण है जो राजबाहे के मध्य से 20 फुट से अधिक जमीन पर विभाग ने अतिक्रमण किया हुआ है इसलिए कोरी माजरा की आई टी सी फैक्ट्री की दीवार को बचाने के लिए राजबाहे के मध्य से नहीं रजवाहे के किनारे से पैमाइश करके 26 फुट लिया गया है जबकि सिंचाई विभाग की 20 फीट है। बाकी जो हमारे मकान के सामने की जमीन है। वह हमारी है हमारे बीच और सिंचाई विभाग के बीच यदि किसी विभाग का कोई दस्तावेज है तो वह हमें संतुष्ट करें वरना हमारी पुश्तैनी जमीन वापस करके जैसे मकान बने हुए थे ऐसे ही मकान पुन स्थापित किया जाए यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम दलित समाज के लोगों को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर देशराज जसपाल करण सिंह गौतम मदन सिंह नरेंद्र कंवरपाल दिनेश दिलीप सिंह शमशेर सिंह संजय कुमार नरेश रामकुमार नाथीराम चंद्रशेखर जगन्नाथ गुलाब सिंह अरविंद चतरपाल यशपाल अशोक मलिक करण सिंह माया देवी विनीता देवी अनारकली कलावती आदि सैकड़ो महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।
कलेक्ट्रेट पर बेघर ग्रामीणों का प्रदर्शन, बिना नोटिस बुलडोजर कार्रवाई और मुआवजे को लेकर फूटा गुस्सा