सहारनपुर। अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कार्यवाहक चैप्टर चेयरमैन प्रमोद सड़ाना ने देशभर के उद्यमियों, उद्योगपतियों एवं एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े सभी एमएसएमई को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि देश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास एवं रोजगार सृजन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में ’देश में लगभग 7 करोड़ एमएसएमई इकाइयाँ पंजी.त हैं। एमएसएमई क्षेत्र का देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 30 प्रतिशत, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र में लगभग 35 प्रतिशत तथा देश के कुल निर्यात में लगभग 47 प्रतिशत’ का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि पिछले पाँच वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र का निर्यात बढ़कर ’लगभग 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। यह क्षेत्र देश में लगभग 30 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि विश्व के लगभग 90 प्रतिशत व्यवसाय एमएसएमई’ क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, जो इसकी वैश्विक महत्ता को दर्शाता है।
उन्होने कहा कि आईआईए देश के उद्योगों को नवीन तकनीक, नवाचार, वैश्विक व्यापारिक अवसरों एवं आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संस्था नीति संवाद, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, निवेश प्रोत्साहन, तकनीकी उन्नयन, कौशल विकास, निर्यात संवर्धन तथा उद्योगों के हितों की प्रभावी पैरवी के माध्यम से औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आईआईए सदैव उद्योगों के हितों की रक्षा एवं उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एमएसएमई क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत एवं देश की आर्थिक समृद्धि के निर्माण में भविष्य में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
देश की आर्थिक प्रगति में एमएसएमई क्षेत्र का योगदान अत्यंत महत्वपूर्णः प्रमोद सडाना