सहारनपुर। अखिल भारतीय मिरासी समाज के तत्वावधान में समाज को एकजुट करने और अपने अधिकारों की लड़ाई को तेज करने के लिए आगामी 15 मई को मुजफ्फरनगर में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। इस महापंचायत के सफल आयोजन और समाज के उद्धार के लिए समिति के शीर्ष नेतृत्व ने सहारनपुर पहुंचकर श्मिरासियान एकता कमेटीश् से समर्थन मांगा। कमेटी के पदाधिकारियों ने समाज हित को देखते हुए इस महापंचायत को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है।
अखिल भारतीय मिरासी समाज महापंचायत समिति का प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर में मिरासी बिरादरी के चौधरी हाजी असगर अली के निवास पर पहुंचा। यहाँ मिरासियान एकता कमेटी द्वारा अतिथियों का जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष शमशाद मीर ने कहा कि आगामी 15 मई को मुजफ्फरनगर में होने वाली इस महापंचायत में देशभर से मिरासी समाज के लोग जुटेंगे।
शमशाद मीर ने समाज की वर्तमान स्थिति पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदुस्तान का मिरासी समाज हमेशा से सेवा में समर्पित रहा है, लेकिन दुर्भाग्य है कि आजादी के 78 वर्षों बाद भी समाज को न तो उचित सम्मान मिला और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ। इस महापंचायत का मुख्य उद्देश्य सरकार के समक्ष कुछ मांगें रखनी है जैसे केन्द्रीय एवं राज्य स्तर पर मिरासी समाज कल्याण बोर्ड की स्थापना कराना, प्रत्येक जिले में समाज के लिए छात्रावास और सामुदायिक भवनों का निर्माण किये जाना, राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित किये जाना एवं समाज को मुख्यधारा से जोड़कर उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग। मिरासियान एकता कमेटी के सदर मौ. फारुख ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि आज हमारे समाज में शिक्षा का अभाव है। हमें एकजुट होकर समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक करना होगा, क्योंकि शिक्षित होकर ही समाज का वास्तविक उद्धार हो सकता है।
अखिल भारतीय मिरासी समाज के प्रतिनिधिमंडल में हाफिज नफीस अहमद, अरशद खान, गुलाम खान, इसरार मीर, शौकीन मीर आदि शामिल रहे। वहीं, मिरासियान एकता कमेटी की ओर से सरपरस्त गुलाम जिलानी, नायाब चौधरी अमजद अली, नायब सदर शफात हुसैन, सचिव जीशान अली, प्रवक्ता मौ. असलम, मीडिया प्रभारी मौ. अकरम, नवाब अली, अली अहमद, शेरू, मौ. शाहनवाज, मोनू, अमन, इशरत, सद्दाम आदि उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर में 15 मई को मिरासी समाज की महापंचायत