सहारनपुर। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में 31 मई को पंत विहार आश्रम, सहारनपुर में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री पूजा भारती जी ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी सत्संग प्रवचनों से उपस्थित संगत को लाभान्वित किया तथा ब्रह्मज्ञान का दिव्य संदेश प्रदान किया।
अपने प्रवचनों में उन्होंने कहा कि जब कोई साधक पूर्ण गुरु की शरणागति स्वीकार कर ब्रह्मज्ञान प्राप्त करता है, तब गुरु ज्ञान-दीक्षा के समय ही शिष्य के दशम द्वार को जागृत कर उसे अपने ही घट के भीतर परमात्मा के प्रकाश स्वरूप का साक्षात्कार कराते हैं। उन्होंने बताया कि जब शिष्य दृढ़ विश्वास, समर्पण और नियमित ध्यान-साधना के साथ भक्ति मार्ग पर चलता है, गुरु दरबार में सेवा करता है तथा समय-समय पर गुरु की आज्ञा का पालन करता है, तब वह आध्यात्मिक उन्नति की ऊँचाइयों को प्राप्त कर लेता है।
सत्संग प्रवचनों के दौरान समर्थ रामदास जी, गुरु अंगद देव जी एवं अन्य महान संत-महापुरुषों के प्रेरणादायी प्रसंगों का उल्लेख करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा की महिमा का वर्णन किया गया। साथ ही मानव जीवन में गुरु के मार्गदर्शन, सेवा, साधना और सत्संग के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रार्थना एवं ध्यान-साधना के साथ हुआ। तत्पश्चात श्रद्धालुओं के मध्य प्रसाद वितरित किया गया। सत्संग में बड़ी संख्या में संगत ने उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
साध्वी पूजा भारती ने दिया ब्रह्मज्ञान का दिव्य संदेश