सहारनपुर। दिव्य शक्ति अखाड़ा सहारनपुर और ब्रह्माकुमारीज़ दिल्ली ज़ोन द्वारा गुरुग्राम में आयोजित अखिल भारतीय सन्त सम्मान समारोह में अखाड़े में दो नए महामंडलेश्वरों-सतना से आचार्य श्री परमानन्द महाराज और सन्त श्री भूपेंन्द्रानंद स्वामी महाराज का विधि-विधान के साथ भारतवर्ष के प्रत्येक प्रान्तसे पधारे 154 सन्तों ने मंत्रोच्चारण और पुष्पवर्षा कर सुशोभन किया।
इस पवित्र अवसर पर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर सन्त कमल किशोर महाराज ने समाज मे गिरते नैतिक मूल्यों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्.ति कि रक्षा के लिए समाज मे नैतिक पतन को रोकने के लिए सभी संतों को आपस के भेदभाव और मनमुटाव भुलाकर तन-मन-धन से निस्वार्थ प्रयास करना होगा तभी हम समाज के सामने एक आदर्श प्रस्तुत कर सकते हैं, क्योंकि आज भी समाज साधू-संतों का आदर करता है और उनसे मार्गदर्शन लेता है। उन्होने कहा कि ज्ञान तो एक समुद्र के समान है और मानव का मस्तिष्क एक छोटा गिलास।
राजयोगिनी तपस्विनी ब्रह्माकुमारी सपना दीदी ने स्वयं को जानने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि चैतन्य आत्मा के सात गुण ज्ञान, पवित्रता, प्रेम, शांति, सुख, आनन्द और शक्ति हैं और इनही गुणों के आधार से जीवन जीने में आत्म संतुष्टि, खुशी, मौज और अतीन्द्रिय सुख का अनुभव होता है। राजयोगी तपस्वी नारायण भाई ने विचारो की शक्ति एवं उसके प्रभावों के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि विचार एक महान शक्ति है। सकारात्मक विचार मन में शक्ति का संचार करते हैं, जबकि नकारात्मक विचार मानसिक शक्ति को क्षीण करते हैं,जिससे थकान और खोखलेपंब का अनुभव होता है।
आशीर्वाद प्रदान करने वालों में प्रजापिता ब्रहमाकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से निर्देशिका ओम शांति रिट्रीट सेंटर, राज योगिनी तपस्विनी बीके आशा दीदी, राजयोगी तपस्वी नारायण भाई,राजयोगिनी तपस्विनी ब्रह्माकुमारी सपना दीदी, सहारनपुर सेंटर की संचालिका रानी दीदी, माउंट आबू मुख्यालय की वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षिका उषा दीदी, प्रयागराज से पधारी धार्मिक विभाग प्रमुख मनोरमा दीदी ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम का सुघड़ संचालन रानी बहन ने किया।
अखिल भारतीय संत सम्मान समारोह में दो नए महामंडलेश्वर नियुक्त, 154 संतों ने किया भव्य स्वागत