स्वामी भारत भूषण की हीरक जयंती पर योग उत्सव का शंखनाद

Yoga festival begins on the occasion of Swami Bharat Bhushan's Diamond Jubilee

सहारनपुर। भारत सरकार द्वारा देश की गुरु परंपरा की अग्रणी योग संस्था मोक्षायतन अंतर्राष्ट्रीय योग संस्थान की 54 वीं वर्षगांठ और योगी स्वामी भारत भूषण के जन्म की हीरक जयंती पर आयोजित योग उत्सव में वर्षभर देश-विदेश में सक्रिय योग हस्तियों की मौजूदगी में पूरे साल चलने वाली कार्यक्रम श्रृंखला का आगाज शंखध्वनि वैदिक यज्ञोपचार और संस्थान निदेशक अंतर्राष्ट्रीय योग गुरु पूर्व राजनयिक और संस्कृति विशेषज्ञ आचार्य प्रतिष्ठा के निर्देशन में अब तक की यात्रा के सिंहावलोकन और स्वागत भाषण के साथ हो गया। 75 साल का सफर देखकर आबाल वृद्ध मंत्रमुग्ध होकर अवाक रह गए, इस अवसर पर देश के दूरस्थ क्षेत्रों से आए भारत योगियों को गुरुवंदन के बाद संबोधित करते हुए पद्मश्री स्वामी भारत भूषण ने कहा कि मनन किया तो लगा कि सच में अब तक जीवन के सफर के 75 साल निरर्थक नहीं बीते हैं ये सब ईश्वरीय कृपा से हर तरफ से मिले सहयोग का परिणाम है। बस विचार आते गए और ईश्वरीय कृपा से संकल्प में परिणित होते रहे। उन्होंने कहा कि अनुभवों व उपलब्धियों को स्वयं तक सीमित छोड़ देने के बजाय नई पीढ़ी को हस्तांतरित कर देने के विचार ने 54 वर्ष पूर्व मोक्षायतन योग संस्थान का और 37 वर्ष पूर्व स्थापित नेशन बिल्डर्स एकेडमी का रूप ले लिया। योग से समग्र स्वास्थ्य और अध्यात्म के प्रयोगों ने भारतयोग व योग गतियों की अवधारणा को वैश्विक पहचान और स्वीकार्यता पाई। साधकों की लगन से अनेक नए कीर्तिमान बने और मेरे इस जन्म में किए गए अनेक शोधपरक प्रयोगों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मानवता को उबरने का अवसर दिया। इस 75 साल की यात्रा में मोक्षायतन के आधी शताब्दी पूर्व के साधक जंगवीर सैनी, गुलशन निझारा, राजीव दुआ, राम राजीव सिंघल, ऋषिपाल सिंह, जरनैलसिंह, मुकेश शर्मा, पुनीत अमित गर्ग, सुरेश फुटेला, संयोग, अनीता शर्मा, विनीत मित्तल व सुषमा ने आयोजन का वातावरण ही बदल दिया। भाव विभोर गुरु बोले कि वंदनीय मातापिता, बंधु बांधव, पवित्र भारत माता की ऋषिपरंपरा, अपने नगर से प्राप्त प्रेम व अपने प्रिय साधकों के श्रद्धाभाव से उऋण नहीं हुआ जा सकता अतः शेष बचे जीवन में अभी बहुत कुछ बेहतर करने का उत्साह है।मोक्षायतन योग संस्थान की विविध शाखाओं व नेशन बिल्डर्स एकेडमी के साधकों की प्रस्तुतियों के साथ ही बाहर से आए आलोक श्रीवास्तव, योगी विक्रांत व मुक्ता शर्मा और सहारनपुर मुख्यालय के पंकज गुप्ता, ललित वर्मा, सुभाष वर्मा, धर्मेश शर्मा, मिथलेश शर्मा को उनकी विशिष्ट भूमिकाओं के लिए स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन नवनीशकांत शर्मा ने किया।

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