सहारनपुर। चिलकाना-गन्देवड मार्ग बुरी तरह क्षति ग्रस्त होने के चलते आए दिन दुर्घटनाएं बढ़ती ही जा रही है इतना ही नहीं इस सड़क मार्ग से गुजरने वाले तमाम सरकारी विभागों में तैनात व अन्य लोग परेशान है पुलिस,एंबुलेंस,स्कूली छात्र- छात्राओं एवं राहगीरों के सामने चिलकाना-गन्देवड मार्ग चुनौती बना हुआ है एंबुलेंस कर्मियो का कहना है कि जब भी आकस्मिक सेवा के लिए कॉल आती है तो हमें सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि जिला अस्पताल तक पहुंचेंगे कैसे यदि मरीज को परेशानी हुई तो कौन होगा जिम्मेदार कई बार एंबुलेंस की गाड़ियां, स्कूली गाड़ियां गहरे गड्ढों की चपेट में आकर खराब हो चुकी है।
गुरुवार को इस मार्ग पर बड़ी दुर्घटना घटने से बच गई। इसी मार्ग पर एक ई रिक्शा पलटकर खेत में जा गिरी थी जिसमें सवार करीब आधा दर्जन लोग घायल हुए थे,
गनीमत यह रही सभी सड़क हादसों में कोई जनहानि नहीं हुई ऐसे में यदि कोई बड़ा हादसा होता तो कौन होगा जिम्मेदार यह है बड़ा सवाल?लोगों का कहना है कि भाजपा सरकार की कथनी व करनी में कितना अंतर है इसका अंदाजा चिलकाना-गंदेवड मार्ग,इस मार्ग की खस्ता हालत को देखकर लगाया जा सकता है प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही दावे किए गए थे कि पूरे प्रदेश को गड्ढा मुक्त प्रदेश बनाया जाएगा परंतु सड़कों में बने गड्ढे बन गए हैं ग्रामीणों के जी का जंजाल बन चुका है। क्षेत्रवासियों ग्का आरोप हैं कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से सड़क में बने गड्ढों को भरने के लिये कई बार शिकायत की जी चुकी हैं, परन्तु पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की कुम्भकरणी नींद खुलने का नाम नहीं ले रही है,जिससे साफ जाहिर होता हैं कि पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारीगण किसी बड़ी दुर्घटना की इन्तजार में हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क में बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण यात्रियों के साथ-साथ हाईवे किनारे बसें लोगों को भी भारी परेशानी की सामना करना पड़ रहा हैं। जिसके चलते ग्रामीणों ने कई बार सड़क को सही गुहार अधिकारियों से की हैं । मगर कोई सुनवाई हुई है।ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए रहा कि अगर जल्द ही सड़कों के गड्ढों को नहीं भरा गया तो उन्हें मजबूरन आन्दोलन करने करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
चिलकाना-गंदेवड़ मार्ग बना जानलेवा, गहरे गड्ढों के कारण आए दिन हो रहे हादसे