सहारनपुर। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ उठाया। कार्यक्रम में संस्थान की प्रचारिका साध्वी सुशीला भारती जी, साध्वी पूजा भारती जी एवं साध्वी सोनिया भारती जी ने अपने ओजस्वी प्रवचनों और भावपूर्ण भजनों के माध्यम से उपस्थित संगत को भक्ति के दिव्य रस से सराबोर कर दिया।
मुख्य वक्ता साध्वी सुशीला भारती ने अपने प्रवचन के दौरान प्रसिद्ध भजन तेरी कर्म कहानी तेरी आत्मा ने जानी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल अवश्य भोगना पड़ता है। हमारी आत्मा हमारे प्रत्येक अच्छे-बुरे कर्म की गवाह है और परमात्मा सर्वव्यापी हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल सत्संग सुन लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसमें निहित दिव्य विचारों को अपने जीवन और व्यवहार में आत्मसात करना ही वास्तविक साधना है।
साध्वी पूजा भारती ने महान सूफी संत अमीर खुसरो के जीवन प्रसंग के माध्यम से गुरु के प्रति अटूट प्रेम, समर्पण एवं अटूट श्रद्धा का महत्व समझाया। इसके साथ ही उन्होंने महाभारत का एक अत्यंत मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण अपने परमधाम जाने लगे और उन्होंने माता कुंती से वरदान माँगने को कहा, तब माता कुंती ने संसार के समस्त दुःख ही माँग लिए। भगवान श्रीकृष्ण के आश्चर्य व्यक्त करने पर कुंती जी ने उत्तर दिया कि दुःख में प्रभु का स्मरण हमेशा बना रहता है, इसलिए उन्हें ऐसा दुःख स्वीकार हैय किंतु जिस सुख में ईश्वर का स्मरण ही न रहे, वह सुख व्यर्थ है। इस प्रसंग ने पंडाल में मौजूद सभी श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक चिंतन के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी श्रद्धालुओं ने सत्संग, निस्वार्थ सेवा, साधना, निरंतर प्रार्थना, ध्यान एवं सद्कर्मों के मार्ग पर चलने का दृढ़ संकल्प लिया। सामूहिक प्रार्थना एवं ध्यान-साधना के साथ सत्संग का विधि-विधान से समापन हुआ, जिसके बाद उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया।
मनुष्य के हर अच्छे-बुरे कर्म की गवाह है उसकी आत्माः साध्वी सुशीला भारती