लालवाला संघर्षः जिला अस्पताल पहुंचे सांसद चंद्रशेखर, घायलों का जाना हाल

Lalwala Clash: MP Chandrashekhar Arrives at District Hospital, Inquires About the Condition of the Injured

सहारनपुर। शनिवार को कस्बा देवबंद के गांव लालवाला में जमीनी विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में घायलों को देखने के लिए आज सांसद चंद्रशेखर जिला चिकित्सालय पहुंचे और घायलों का हाल जाना तथा चिकित्सा अधिकारियों से सभी घायलों को समुचित उपचार देने के निर्देश देते हुए कहा कि मामले की जांच कर कर दोषियों खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए अन्यथा आजाद समाज पार्टी एवं भीम आर्मी इस पर अपना स्टैंड लेगी। उल्लेखनीय है कि कस्बा देवबंद के गांव लालवाला में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया था और उसमें कई लोग घायल हुए थे। बताया जाता है कि दो बीघा जमीन पर ठाकुर समाज के लोग महाराणा प्रताप की प्रतिमा लगाना चाहते थे, जबकि दलित समाज के लोगों का कहना था कि यह भूमि उनके द्वारा खरीदी गई है। इसी बात को लेकर खूनी संघर्ष हो गया था। इसके बाद से गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी है और भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है। आज घायलों का हाल जानने के लिए सांसद चंद्रशेखर जिला चिकित्सालय पहुंचे। जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों को सांसद चंद्रशेखर के आने की सूचना मिली तो पूरा जिला चिकित्सालय परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था और नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह व पुलिस अधीक्षक नगर व्योम बिंदल तथा कई पुलिस क्षेत्राधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे थे। सांसद चंद्रशेखर आज जिला चिकित्सालय में घायलों से मिले और उनका हाल पूछा। इस दौरान सांसद चंद्रशेखर ने पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता करते हुए कहा कि जमीन किसकी है। यह तो जांच का विषय है और इसकी जांच कराई जाए जानी चाहिए, लेकिन हमारी मांग है कि घटना में किसी भी निर्दोष व्यक्ति को प्रताड़ित न किया जाए और जिन घायलों को चोट लगी है। उनकी ओर से दोषी पुलिस कर्मियों व अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हादसे में कोई भी घायल हुआ है। उसकी ओर से 200 के लाभ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए अन्यथा आजाद समाज पार्टी एवं भीम आर्मी अपने तरह से स्टैंड लेने को मजबूर होगी। जिला चिकित्सालय पहुंचने से पहले ही भारी संख्या में पुलिस बल को पूरे चिकित्सालय परिसर में तैनात कर दिया गया था और जब तक चंद्रशेखर वापस नहीं लौटे तब तक पुलिस बल वहीं पर तैनात रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *