शाकंभरी देवी मंदिर का कमिश्नर और डीआईजी ने किया औचक निरीक्षण

Commissioner and DIG conducted surprise inspection of Shakambhari Devi Temple

सहारनपुर। प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर परिक्षेत्र और शिवालिक की पहाड़ियों के ऊपरी इलाकों में अचानक हुई अत्यधिक मूसलाधार बरसात के कारण पहाड़ी नदी में तेज बाढ़ आ गई। इस अचानक आई बाढ़ और जलभराव के कारण मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को काफी क्षति पहुंची है। मामले की संवेदनशीलता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आज सहारनपुर मंडल के आयुक्त (कमिशनर) और पुलिस उप महानिरीक्षक ने प्रशासनिक अमले के साथ शाकंभरी देवी क्षेत्र का आपातकालीन स्थलीय निरीक्षण किया।
अचानक हुई इस प्राकृतिक घटना की सूचना मिलते ही आयुक्त सहारनपुर मंडल और पुलिस उप महानिरीक्षक, सहारनपुर रेंज तत्काल मौके पर पहुंचे। उनके साथ जिलाधिकारी सहारनपुर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर भी मुख्य रूप से मौजूद रहे। शीर्ष अधिकारियों ने पूरे मंदिर परिसर, नदी के बहाव क्षेत्र, वीआईपी मार्ग और श्रद्धालुओं के आवागमन वाले रास्तों का बारीकी से पैदल चलकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए रास्तों, मलबे की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने मौके पर उपस्थित लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत, नगर निकाय और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नदी क्षेत्र और रास्तों पर जमा हुए मलबे और पत्थरों को आधुनिक मशीनों (जेसीबी) के जरिए तुरंत साफ कराया जाए। बाढ़ के कारण जिन बुनियादी सुविधाओं या संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें युद्धस्तर पर काम करके जल्द से जल्द सुचारू किया जाए। पेयजल, बिजली और श्रद्धालुओं के ठहरने वाले स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि आगामी दिनों में आने वाले भक्तों को कोई असुविधा न हो। डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस बल को निर्देशित करते हुए कहा कि जब तक पहाड़ियों पर मौसम पूरी तरह साफ नहीं हो जाता, तब तक नदी के खोल (बहाव क्षेत्र) में किसी भी श्रद्धालु या वाहन को प्रवेश न करने दिया जाए। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। स्थानीय थाना पुलिस को लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार अलर्ट जारी करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्थानीय अधिकारियों से कहा कि वे स्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखें और मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार ही आगे की रणनीति तय करें। प्रशासन ने सिद्धपीठ आने वाले श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम के मिजाज को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें और पुलिस व प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करें।

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