सहारनपुर। हिन्दू जागरण मंच पश्चिम उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ठाकुर सूर्यकांत सिंह ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के संसद में दिए गए कथित बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे भारतीय वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का अपमान बताया है।
जारी बयान में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा सुधार के लिए गठित हाई पावर्ड कमेटी पर टिप्पणी करते हुए प्रियंका गांधी ने जिस प्रकार आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि का उल्लेख किया, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उनका कहना है कि प्रो. वी. कामकोटि देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं और उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां तथा शोध कार्य पूरे देश के लिए गौरव का विषय हैं।
ठाकुर सूर्यकांत सिंह ने कहा कि एक वैज्ञानिक यदि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषयों पर शोध कर सकता है तो भारतीय ज्ञान परंपरा, आयुर्वेद और अन्य पारंपरिक विषयों पर भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अध्ययन कर सकता है। उन्होंने कहा कि किसी वैज्ञानिक का इस आधार पर उपहास उड़ाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा तथा महर्षि चरक, पतंजलि और सुश्रुत की ज्ञान परंपरा को नकारना भारतीय विरासत का अनादर है। उनके अनुसार भारतीय परंपराओं और वैज्ञानिक अनुसंधान को एक-दूसरे का विरोधी मानना गलत सोच को दर्शाता है। हिन्दू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और भारतीय ज्ञान परंपरा का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंच इस प्रकार की टिप्पणियों की घोर निंदा करता है और देश के वैज्ञानिकों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगा।
भारतीय वैज्ञानिकों के सम्मान से समझौता नहीं करेगा देशः ठाकुर सूर्यकांत सिंह