- जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, घरों में घुसा गंदा पानी, लोगों में भारी आक्रोश
सहारनपुर। शुक्रवार को हुई तेज बारिश ने सहारनपुर महानगर की जल निकासी व्यवस्था और नगर निगम के सफाई अभियान की हकीकत उजागर कर दी। कुछ घंटों की बारिश के बाद ही शहर के अनेक प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए। दिल्ली रोड स्थित वार्ड नंबर-11 की काशीराम कॉलोनी, इंदिरा चौक, पीर वाली गली, मोहल्ला कमेला कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में सड़कों और गलियों में घंटों तक पानी भरा रहा। जलभराव के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया तथा कई स्थानों पर घरों में नालियों और सीवर का गंदा पानी घुस गया।
सबसे अधिक बदहाल स्थिति दिल्ली रोड स्थित काशीराम कॉलोनी की देखने को मिली, जहां पूरी कॉलोनी टापू में तब्दील हो गई। ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले परिवारों के घरों में गंदा पानी घुसने से घरेलू सामान खराब होने की नौबत आ गई। जलभराव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं कराई गई तो संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह समस्या केवल बारिश के दिनों तक सीमित नहीं है। सामान्य दिनों में भी नालियों का गंदा और बदबूदार पानी सड़कों पर बहता रहता है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को रोजाना गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। मामूली बारिश भी यहां रहने वाले दर्जनों परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। शहर के अन्य क्षेत्रों में भी हालात चिंताजनक रहे। इंदिरा चौक, पीर वाली गली, मोहल्ला कमेला कॉलोनी और आसपास के इलाकों में जलभराव के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में फंस गए। कई दुकानों के सामने पानी भर गया, जिससे व्यापार भी प्रभावित हुआ। लोगों को घंटों तक जलभराव के बीच आवागमन करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बरसात से पहले नगर निगम द्वारा नालों और नालियों की सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश ने उन दावों की पूरी तरह पोल खोल दी। जगह-जगह नाले कूड़े और सिल्ट से भरे होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी और पूरा शहर तालाब में तब्दील हो गया। नगर निगम की सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर अब लोगों में भारी आक्रोश है। नागरिकों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों से तत्काल पंप लगाकर पानी निकाला जाए, नालों और नालियों की गहराई तक सफाई कराई जाए तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे नगर निगम का घेराव कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लगातार सामने आ रही जलभराव की घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि जब हर वर्ष मानसून से पहले करोड़ों रुपये सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं, तो पहली ही बारिश में शहर की ऐसी दुर्दशा क्यों हो जाती है। अब शहरवासियों की निगाहें नगर निगम और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस समस्या का स्थायी समाधान करते हैं या फिर हर वर्ष की तरह इस बार भी आश्वासनों तक ही कार्रवाई सीमित रह जाएगी।
तेज बारिश ने खोली नगर निगम की पोल