सहारनपुर। दिल्ली रोड स्थित एक संस्थान पर आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं भगवती देवी मेमोरियल (बीडीएम) पब्लिक स्कूल (लेबर कॉलोनी) के प्रबंधक डॉ. अशोक मलिक ने बेसिक शिक्षा विभाग सहारनपुर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके कथित काले कारनामों को उजागर किया है। डॉ. मलिक ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जन सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारियों का जवाब दे दें, तो विभाग की पोल खुल जाएगी।
डॉ. अशोक मलिक ने कहा कि पिछले 4 वर्षों से शिक्षा विभाग ने दोनों स्कूलों के करीब 108 बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति का 1 भी नहीं दिया है। ऐसे में विभाग यह जवाब दे कि फीस प्रतिपूर्ति का गबन कैसे हुआ? उन्होंने सवाल उठाया कि जब आरटीई से लाभान्वित बच्चे यू-डायस पोर्टल पर अपार आईडी सहित दर्ज हैं और यह बच्चे खुद शिक्षा विभाग आवंटित करता है, तो ये बच्चे फर्जी कैसे हो गए?
प्रेस वार्ता में बताया गया कि खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र सुरेश त्यागी के पत्रक 757 (दिनांक 20.03.2024) में भगवती देवी मेमोरियल लेबर कॉलोनी स्कूल का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने अपने दायित्वों का दुरुपयोग करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी बलियाखेड़ी की संस्तुति के बाद भी सत्र 2024-25 और 2025-26 की 8,86,050 की धनराशि को दुर्भावनापूर्ण तरीके से रोक दिया, जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है। डॉ. मलिक ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में उनके द्वारा मांगी गई 8 जन सूचनाओं का जवाब विभाग द्वारा नहीं दिया गया है, जो मामला अब जन सूचना आयोग में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल 2026 को मान्यता के प्रकरण को लेकर एक आरटीआई डाली गई थी, जिसका जवाब देने से बीएसए बच रहे हैं। बीडीएम पब्लिक स्कूल (प्राइमरी स्तर स्थाई) की मान्यता का पत्रांक संख्या 437 दिनांक 01.05.2000 है, लेकिन विभाग के डिस्पैच रजिस्टर में फर्जी पत्रांक डालकर जांच की गई। बीएसए का नोटिस पत्रांक 16764 (दिनांक 05.03.2026) प्राथमिक स्तर की मान्यता से संबंधित ही नहीं है।प्रबंधक ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जनपद के 274 स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति दी गई, लेकिन बीडीएम स्कूल की प्रतिपूर्ति को अप्राप्त दिखाकर रोक दिया गया। बलियाखेड़ी बीईओ जितेंद्र कुमार ने 84 और 95 बच्चों के भौतिक सत्यापन के बाद 8,86,050 की संस्तुति की थी। बीईओ गंगोह (अंबिका प्रसाद ओझा) ने 84 में से 80 बच्चे और बीईओ देवबंद ने बीडीएम पब्लिक स्कूल शांति नगर के 24 में से 22 बच्चे भौतिक रूप से उपस्थित पाए। इसके बावजूद, बीएसए द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति के लेखाधिकारी संजय द्विवेदी ने एंटी करप्शन कोर्ट में यह बयान दिया कि उन्होंने रूटीन में साइन किए थे और उन्हें जांच रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी (अनभिज्ञता) नहीं थी।
शिक्षा विभाग पर 8.86 लाख डकारने का आरोप