- नगर निगम प्रशासन पर शोषण का आरोप, उग्र आंदोलन की चेतावनी
सहारनपुर। नगर निगम की सफाई व्यवस्था निजी कम्पनी को सौंपे जाने के विरोध में मंगलवार को उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस एवं उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय संयुक्त सफाई कर्मचारी संघ के नेतृत्व में आली की चुंगी स्थित पुरानी मंडी क्षेत्र में आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ सांकेतिक आंदोलन की शुरुआत की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए ब्रजमोहन चनालिया, रघुवीर चंदेल, मनमोहन सूद, अम्बर चंदेल, चेतन चणियाणे, अविनाश बिरला एवं विनोद घावरी ने कहा कि पूरे देश में निजी कम्पनियों के खिलाफ विरोध चल रहा है क्योंकि निजी कंपनियां अपने स्वार्थ के लिए सफाई कर्मचारियों का आर्थिक, शारीरिक और मानसिक शोषण करती हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी वार्डों की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में दी गई थी, जो पूरी तरह असफल साबित हुई थी। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में नगर निगम शहरी आजीविका केंद्र के माध्यम से आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की आपूर्ति ले रहा है, जिससे संतोषजनक कार्य हो रहा है। कर्मचारियों का शोषण भी नहीं हो रहा तथा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत नगर निगम सहारनपुर की स्वच्छता रैंकिंग में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन लगभग 78 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष खर्च कर निजी कम्पनी को सफाई का ठेका देने जा रहा है, जबकि वाहन एवं अन्य संसाधन नगर निगम के ही रहेंगे।
संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि 6 जून 2026 को सभी संगठनों द्वारा सफाई व्यवस्था निजी हाथों में न देने को लेकर ज्ञापन भी सौंपा गया था, लेकिन नगर निगम प्रशासन ने इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे सफाई कर्मचारियों एवं संगठनों में भारी रोष व्याप्त है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि किसी भी कीमत पर वाल्मीकि समाज और सफाई कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। बैठक में मुख्य रूप से अ. गफ्फार, महेन्द्र बेदी, सुनील धाघर, राकेश, कमल किशोर चंचल, राजकुमार, गुरुदयाल सिंह, तौसीफ, हिमांशु, रतन लाल, महरून, राजकुमार पटेल, सिद्धांत, संजय, अमित कुमार, मुनेश कुमार, दीपक, मागेराम, अविनाश बिरला, अमित, आशू सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे।
निजीकरण के खिलाफ सफाई कर्मचारियों की हुंकार