सहारनपुर। भारतीय किसान यूनियन वर्मा व पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण पहले गन्ना किसानों को प्रति हेक्टेयर 75 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। अब अचानक आंधी तूफान ओला व बारिश से अन्नदाता किसानों को कम से कम 50 हजार प्रति हेक्टेयर का नुकसान हो गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई बीमा कंपनियों से करने की बात करती है। जबकि इंश्योरेंस कंपनियां प्रीमियम के नाम पर हजारों करोड रुपए किसानों से वसूल लेती हैं। जब किसानों की फसलों का नुकसान होता है। तो प्रत्येक किसान को 50 या 100 देकर इति श्री कर लेते हैं। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार आपदा राहत कोष से और सरकारी राजकोष से या इंश्योरेंस कंपनियों से किसानो के नुकसान का सही से आकलन करके कम से कम 50 हजार रुपए प्रति हेक्टर का भुगतान कराए। गेहूं और सरसों की फसल में 40 से 50 प्रतिशत तक का नुकसान हो गया है। इसी प्रकार पहले गन्ना किसानों के गन्ने का उत्पादन 30 से 40 प्रतिशत कम हुआ है। जिससे गन्ना किसान व गेहूं धान का किसान भारी आर्थिक संकट में गिर चुका है। अब किसानों को साहूकार बैंक सहकारी समितियां सभी ने कर्ज देना भी बंद कर दिया है। भगत सिंह वर्मा ने महामहिम राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर किसानों की मदद करने का आह्वान किया। बैठक की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन वर्मा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने और संचालन प्रदेश सचिव मास्टर रईस अहमद ने किया। बैठक में राष्ट्रीय सलाहकार हाफिज मुर्तजा त्यागी, प्रदेश संगठन मंत्री धर्मवीर चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित नीरज कपिल, प्रदेश सचिव डॉक्टर परविंदर मलिक, जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद मुकर्रम प्रधान, अब्दुल सलाम, हाजी साजिद, राशिद, तमरेज, हरपाल सिंह, सुधीर चौधरी, अरविंद चौधरी, डॉक्टर यशपाल त्यागी आदि रहे।
आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से किसानों की कमर टूटी, भगत सिंह वर्मा ने की 50 हजार प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग