कारगिल विजय दिवस पर व्यापार मंडल ने वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

Traders' Association pays tribute to brave martyrs on Kargil Vijay Diwas.
  • ऑपरेशन विजय भारत की स्वर्णिम गाथाः शीतल टंडन
    सहारनपुर। कारगिल विजय दिवस की 27वी वर्षगांठ के अवसर पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई के तत्वावधान में स्थानीय जिला सैनिक एवं पुनर्वास कार्यालय स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान व्यापारी प्रतिनिधियों एवं पूर्व सैनिकों ने कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को पुष्प अर्पित कर नमन किया तथा दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष शीतल टंडन ने कहा कि कारगिल ऑपरेशन विजय भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखी जाने वाली गौरवशाली विजयगाथा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहला अवसर था जब पाकिस्तान को बिना किसी शर्त और बिना किसी समझौते के नियंत्रण रेखा (एलओसी) से पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। साथ ही यह भी उल्लेखनीय रहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्रीय हितों को सर्वाेपरि रखते हुए भारत की मजबूत कूटनीतिक स्थिति का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में कारगिल, द्रास और बटालिक जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भारतीय सेना ने अदम्य साहस, वीरता और पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मन को करारा जवाब दिया। भारतीय वायुसेना ने लगभग 18 हजार फीट की ऊंचाई पर अभियान चलाकर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया, जबकि थल सेना और नौसेना ने भी ऑपरेशन विजय को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तीनों सेनाओं के संयुक्त प्रयासों ने भारत को ऐतिहासिक विजय दिलाई।
    शीतल टंडन ने कहा कि देश के वीर सैनिकों का शौर्य, त्याग और बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्र के प्रति समर्पित रहकर अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करे। यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी उन वीर जवानों के लिए जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने कारगिल के अमर शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए उनके अद्वितीय साहस और देशभक्ति को नमन किया तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर मुख्य रूप से शीतल टंडन, रमेश अरोड़ा, मुरली खन्ना, डॉ जीबी लाल अशोक मालिक, गोपाल सिंह सैनी, संजीव सचदेवा, दीपक कुमार, दक्ष सचदेवा, करनाल संजय मिड्डा आदि मौजूद रहे।

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