मां कात्यायनी हैं कुल की रक्षक और भक्ति का द्वार, महाकाली मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

Mother Katyayani is the protector of the clan and the gateway to devotion; a wave of faith surges at the Mahakali Temple.

सहारनपुर। राधा विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में चैत्र नवरात्रि महोत्सव में मां कात्यायनी पूजा अवसर पर स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा मां कात्यायनी पूजा अवसर पर स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज ने कहा मां कात्यानी कुल की रक्षक देवी है।
श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वाधान में आयोजित चैत्र नवरात्रि महोत्सव पूजा अवसर पर मां कात्यायनी की विधिवत पूजा की गई और मां भगवती का दुर्गा सतनाम स्तोत्र से मां का अभिषेक किया गया। मां भगवती का श्रंगार कर भोग अर्पण किया गया और भगवती की महा आरती उतारी गई।
माता कात्यानी की महिमा का वर्णन करते हुए स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि मां कात्यानी कात्यानी ऋषि के तप के कारण प्रकट हुई और माता का नाम कात्यायन ऋषि के नाम पर माता कात्यायनी पड़ा, जो कठिन ऋषि की कुलदेवी में मानी जाती है महाराज श्री ने कहा माता कात्यायनी कुल की रक्षक देवी भी मानी जाती है सभी कुलों का कल्याण करने वाली है। मां कात्यायनी यमुना नदी के तट पर वृंदावन में पूजित हैं जहां मां भगवती का अंग कनिष्का उंगली के रूप में गिरा। जिन्होंने सभी गोपियों को भक्ति का वरदान दिया। उन्होंने कहा मां कात्यायनी भक्ति सुख समृद्धि प्रदान करने वाली देवी हैं जो नियमित कात्यानी माता की पूजा करते हैं उनके कुल में माता कोई अभाव नहीं होने देती है। सभी कुलों का उद्धार कर मां भगवती कल को सम्मान एवं आधार प्रदान कराती हैं। छटा नवरात्रे पर मां कात्यायनी की पूजा की जाती है मां कात्यायनी भक्ति का मार्ग प्रदान कर आत्म दर्शन करवाने वाली मूल तत्व देवी है। इस अवसर पर पंडित अभिषेक शर्मा, नीरज शर्मा, रमेश शर्मा, राजेंद्र धीमान, अश्विनी कंबोज, तनु शर्मा, गीता, बबीता, कुसुम, रेखा, राजबाला आदि रहे।

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