सहारनपुर। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा शिक्षा मंत्री अशोक प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग को लेकर आयोजित धरना-प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन (वर्मा) एवं पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। धरने को संबोधित करते हुए भगत सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं और छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से शिक्षा मंत्री अशोक प्रधान का इस्तीफा लेने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान देश होने के बावजूद किसानों पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। उनके अनुसार किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए, कर्ज माफ किया जाना चाहिए तथा मनरेगा योजना को खेती से जोड़कर किसानों को श्रमिक उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इसके अलावा 58 वर्ष से अधिक आयु के किसानों और मजदूरों को 10,000 मासिक वृद्धावस्था पेंशन, डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने, एमएसपी को कानूनी गारंटी देने, टोल टैक्स समाप्त करने तथा शिक्षा और चिकित्सा को निशुल्क करने की भी मांग की। भगत सिंह वर्मा ने यह भी कहा कि छोटे-छोटे राज्यों के गठन से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और विकास को गति मिलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री से राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन कर उत्तर प्रदेश को चार भागों में विभाजित करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों को मिलाकर पृथक पश्चिम प्रदेश बनाए जाने की मांग की।
उन्होंने बताया कि भारतीय किसान यूनियन (वर्मा) और पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने अभिजीत दीपके के नेतृत्व में चल रहे धरना-प्रदर्शन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (वर्मा) के प्रदेश महामंत्री आसिम मलिक, प्रदेश सचिव ऋषिपाल प्रधान गुर्जर तथा मंडल प्रभारी डॉ. खालिद अहमद सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
पेपर लीक मामलों को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग