सहारनपुर। नवदृष्टि नवयुग प्रधान संगठन, सहारनपुर के अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान मदनपुरा संजय वालिया ने पंचायत राज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विभाग की ओर से ग्राम प्रधानों को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है, जिससे गांवों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने ग्राम सचिवों एवं लेखपालों से गांवों में नियमित रूप से पहुंचकर विकास कार्यों की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारा जा सके।
हकीकत नगर स्थित धरना स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए संजय वालिया ने कहा कि करीब दो माह पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया था, ताकि पंचायतों में विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। लेकिन इसके बावजूद पंचायत राज विभाग, विशेषकर ग्राम सचिव, आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी नहीं कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बिना ग्राम सचिव की कार्रवाई के डीपीआरओ एवं जिलाधिकारी स्तर से स्वीकृति नहीं मिलती, जिसके कारण सड़क, नाली, साफ-सफाई सहित अन्य विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो माह में पंचायत राज विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी गांवों में विकास कार्यों का जायजा लेने नहीं पहुंचा। ग्राम सचिव 13 जुलाई तक स्टे का हवाला देकर कार्यों में देरी कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 1 जुलाई से ग्राम सचिव एवं लेखपालों को गांवों में बैठकर विकास कार्यों को गति देनी है।
संजय वालिया ने यह भी आरोप लगाया कि जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में पूर्ण हो चुके कार्यों का भुगतान करने के निर्देश दिए जाने के बावजूद ग्राम सचिव स्टे का बहाना बनाकर भुगतान नहीं करा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पंचायत राज विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो ग्राम प्रधान आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग, ग्राम सचिवों और लेखपालों की होगी। इस दौरान सुभाषचंद रावल, अमरीश, तारिक, अरविंद, प्रवीण कुमार, जीशान, आसिम मलिक, बाबू हसन, संजीत कुमार, जगपाल सहित कई ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।
ग्राम सचिव और लेखपाल नहीं कर रहे सहयोग, ठप पड़े हैं गांवों के विकास कार्य