सहारनपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के देशव्यापी आह्वान पर आज सहारनपुर में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में हजारों शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष चौधरी रविन्द्र पंवार के नेतृत्व में भारी संख्या में शिक्षक हकीकत नगर धरना स्थल पर एकत्र हुए और वहाँ से पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचे। शिक्षकों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
शिक्षकों की मुख्य माँग 23 अगस्त 2010 देशभर में और 27 जुलाई 2011 उत्तर प्रदेश में से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त करने तथा उनके सेवा-अधिकारों, वरिष्ठता व पदोन्नति को नीतिगत व विधायी संरक्षण देने की है। चौधरी रविन्द्र पंवार जिला अध्यक्ष एनसीटीई की 2010 की अधिसूचना, आरटीई एक्ट में 2017 के संशोधन और सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों से पुराने शिक्षकों में असुरक्षा की भावना है। कानूनन कोई भी नियम पूर्व प्रभाव से लागू नहीं होना चाहिए। संसद को इसमें जनहित में विधायी समाधान निकालना चाहिए। वैभव चौहान जिला महामंत्री पूर्व में नियुक्त शिक्षकों की भर्तियां तत्कालीन नियमों के तहत पूरी तरह वैध थीं। दशकों का अनुभव रखने वाले लाखों शिक्षकों के भविष्य को अनिश्चितता में डालना शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और शिक्षकों के मनोबल को प्रभावित करेगा।
रजनीश सहगल जिला मंत्री सरकार को संसद में आवश्यक विधायी संशोधन या विशेष प्रावधान लाकर इस वर्ग को स्थायी राहत देनी चाहिए ताकि सभी राज्यों में व्याप्त असमंजस की स्थिति तत्काल समाप्त हो सके। इस विशाल प्रदर्शन और आंदोलन में ब्लॉक अध्यक्ष अमित कुमार (रामपुर मनिहारण), सुरेश कुमार (बलियाखेड़ी), योगेंद्र मलिक (देवबंद), विनय कुमार (नागल), शिवकुमार (नकुड़), अरुण कुमार (ननौता), जगवीर सिंह (सरसावा), अशोक रावल (सढौली कदीम), पुष्कर कंबोज (मुजफ्फराबाद), संदीप सैनी (गंगोह), प्रेरणा गुप्ता (नगर), और विमल किशोर (पुवारका) समेत पंकज कुमार, जगबीर सिंह, मो. मेहताब, मनीष कुमार, राजेश कुमार, हरिमोहन शर्मा, नारायण सिंह, राजेंद्र कुमार, अजय कोहली, सविता यादव और विनोद कुमार सहित हजारों की संख्या में शिक्षक, ब्लॉक महामंत्री व कोषाध्यक्ष उपस्थित रहे।
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का जोरदार प्रदर्शन