घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ के खिलाफ एसएसपी दफ्तर पहुंचा पीड़ित परिवार

Victim Family Reaches SSP's Office to Protest Against House Trespass, Assault, and Vandalism

सहारनपुर। थाना कुतुबशेर क्षेत्र के मोहल्ला हाक्कम शाह कॉलोनी में पड़ोसियों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित पक्ष ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कठोर कार्रवाई तथा परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
मोहल्ला हाक्कम शाह कॉलोनी गली नंबर-3 निवासी महबूब खां पुत्र अय्यूब खां ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग आए दिन गली से गुजरते समय अभद्र भाषा और गंदी टिप्पणियां करते रहते हैं। कई बार समझाने के बावजूद उनका व्यवहार नहीं बदला, जिससे दोनों पक्षों के बीच रंजिश बढ़ती चली गई। पीड़ित के अनुसार 7 मई 2026 की दोपहर करीब डेढ़ बजे मोहल्ले के बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान विपक्षी पक्ष वहां पहुंचा और बच्चों को गालियां देने लगा। विरोध करने पर आरोपी भड़क गए और डंडे व सरिये लेकर महबूब खां के घर पर चढ़ आए। आरोप है कि उन्होंने घर में घुसकर महबूब खां और उनके पुत्र मरगूब के साथ मारपीट की तथा घर का सामान भी तोड़फोड़ दिया।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब घर की महिलाएं बीच-बचाव करने पहुंचीं तो उनके साथ भी मारपीट की गई। आरोप है कि मारपीट के दौरान पुत्रवधू मुस्कान, जो गर्भवती थी, को धक्का और लात-घूंसे मारे गए, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन तत्काल उसे डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे, जहां हालत गंभीर होने पर प्रसव कराना पड़ा। परिवार का दावा है कि समय रहते उपचार मिलने से महिला और नवजात शिशु की जान बच सकी।
महबूब खां ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उनका और उनके पुत्र का शांति भंग में चालान कर दिया। अब जमानत मिलने के बाद उन्होंने एसएसपी से निष्पक्ष जांच, मुकदमा दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है।
पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ित महबूब खां का आरोप है कि उन्होंने 7 मई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर घर में घुसकर मारपीट, महिलाओं के साथ अभद्रता और गर्भवती पुत्रवधू के घायल होने की जानकारी दी थी, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि शिकायत में नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई तथा परिवार की सुरक्षा की मांग की गई थी, मगर अब तक न तो रिपोर्ट दर्ज हुई और न ही किसी आरोपी पर प्रभावी कार्रवाई की गई। इससे परिवार में भय और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से मामले में जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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