सहारनपुर। नगर निगम में सफाई कार्य का ठेका निजी कम्पनियों को दिये जाने के विरोध में सफाई कर्मचारियो का चल रहा धरना आज भी जारी रहा। आज धरने पर समस्त संगठनों को पदाधिकारियों ने कर्मचारी हितों को देखते संयुक्त रूप से आंदोलन करने पर सहमति जताते हुए कहा कि शीध्र की निगम कोई ठोस निर्णय नहीं लेता तो सोमचार से सफाई कार्य ठप्प कर हडंताल की जायेगी।
नगर निगम परिसर में आज भी सफाई कर्मचारियों का धरन प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान समस्त सफाई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गयी, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा पर विचार विमर्श किया गया। जिसमें सभी संगठनों के पदाधिकारियों से एक राय होते हुए कहा कि कर्मचारियों के हितों के देखते हुए विरोध प्रदर्शन संयुक्त रूप से चलाया जायेगा। उन्होंने निगम द्वारा ठेका सफाई कार्य निजी कम्पनियों को देना का विरोध है क्योंकि निगम के नेत्तृव में सफाई कार्य किये जा रहे है कर्मचारी संतोषजनक है। इसके बाद भी निजी कम्पनियों को जबरन ठेका दिया जा रहा है जो कर्मचारी हित में नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि निजी कंपनी का प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। वही सोनी आजाद ने कहा कि हम प्राइवेटाइजेशन का विरोध करते हैं और हम चाहते हैं की जो पुराने कर्मचारी लगे हैं उन्हें ही बहाल रखा जाए। वाल्मीकि सभा अध्यक्ष विनोद घावरी सुबह बृजमोहन चीनालिया ने कहा कि निजी कंपनियां अपने स्वार्थ के लिए सफाई कर्मचारियों का आर्थिक, शारीरिक और मानसिक शोषण करती हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी निजी हाथों में दी गई सफाई व्यवस्था सफल नहीं रही थी। वर्तमान में शहरी आजीविका केंद्र के माध्यम से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से सफाई कार्य कराया जा रहा है और व्यवस्था संतोषजनक ढंग से चल रही है। उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीध्र ही निर्णय वापस न लिया गय तो सफाई कार्य को ठप्प कर दिया जायेगा।
धरना-प्रदर्शन में विनोद घावरी, सोनी आजाद, नगर अध्यक्ष अंबर चंदेल,राहुल वाल्मीकि, ए. गफ्फार, महेंद्र बेदी, सुनील घाघट, राकेश, कमल किशोर चंचल, राजकुमार, गुरुदयाल सिंह, तौसीफ, ईश्वर, हिमांशु, रतन लाल, उदय महरून, राजकुमार चंदेल, सिद्धांत, संजय, अमित कुमार, मुनेश कुमार, दीपक, मांगेराम, भूरा आदिवाल, अमित अविनाश बिरला, आशू, शिवम, सचिन, संदीप सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।
मांग पूरी न होने पर शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप करने का अल्टीमेटम