सहारनपुर। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष ललित शर्मा ने स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों में पंचायत चुनाव समय पर होना संभव नहीं दिख रहा है। ऐसे में सरकार ग्राम प्रधानों को ही प्रशंसक कमेटी के रूप में नियुक्त किया जाए।
शनिवार को पेंशनर्स भवन के पास आयोजित प्रेस वार्ता में ललित शर्मा ने बताया कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग ने 10 जून को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के निर्देश दिए हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया में देरी तय मानी जा रही है।
उन्होंने कहा कि पंचायत राज अधिनियम की धारा 12 और धारा 3(ए) में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासक या प्रशासनिक समिति के गठन का प्रावधान है। हालांकि, पूर्व में एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त किया जाता रहा है, लेकिन वर्तमान हालात में यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।
ललित शर्मा ने मांग उठाई कि मौजूदा निर्वाचित ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों को ही प्रशासनिक समिति के रूप में कार्य करने की अनुमति दी जाए, ताकि गांवों में विकास कार्य प्रभावित न हों और पंचायत व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
प्रेस वार्ता में मनरेगा मजदूरी भुगतान, गोसंवर्धन एवं गो संरक्षण योजनाओं की धीमी प्रगति पर भी चिंता जताई गई। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर कार्य फीड न होने से विकास कार्य बाधित हो रहे हैं, जिससे पंचायतों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर सरकार से वार्ता जारी है और जल्द समाधान की उम्मीद है। इस दौरान प्रधान संजय वालिया सुभाष अमित वालिया रोहित धार की अमरेश कुमार पूनम बिना सैनी दानिश प्रधान तारीफ प्रधान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
विकास कार्यों पर संकटः मनरेगा भुगतान और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की समस्याओं को लेकर प्रधानों ने खोला मोर्चा