सहारनपुर। 62 फुटा रोड स्थित दून पब्लिक स्कूल में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष योगेश शर्मा की अध्यक्षता और प्रदेश सचिव अमजद अली एडवोकेट के संचालन में हुई इस बैठक में निजी स्कूलों की समस्याओं और सरकार की नीतियों पर कड़ा रोष व्यक्त किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक ने कहा कि नए सत्र का एक महीना बीत जाने के बाद भी बाजार में एनसीईआरटी की किताबें उपलब्ध नहीं हैं। सरकार के पास पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण किताबें ब्लैक में बिक रही हैं, लेकिन प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता केवल किताबों को लेकर हंगामा कर रही है, जबकि निजी स्कूलों के शानदार परीक्षा परिणामों की ओर किसी का ध्यान नहीं है।
डॉ. मलिक ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सरकारी स्कूल के प्रत्येक छात्र पर जनता के टैक्स का प्रतिमाह 8500 खर्च होता है, फिर भी परिणाम के मामले में सरकारी स्कूल काफी पीछे हैं। इसके विपरीत, ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र घ्200 से घ्1500 की फीस लेने वाले निजी स्कूलों के बच्चों ने ही मेरिट सूची में स्थान बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के बच्चे भी स्वयं निजी स्कूलों में ही पढ़ते हैं।
संघ ने हरदोई के सनबीम स्कूल की प्रिंसिपल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की। डॉ. मलिक ने कहा कि यह ष्खिसियानी बिल्ली खंबा नोचेष् वाली बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया ने खबर को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है, जबकि असल मामला फीस जमा न करने और स्कूल में अभद्र व्यवहार का था। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई। जिला अध्यक्ष योगेश शर्मा और कोषाध्यक्ष वीरेंद्र पवार ने जानकारी दी कि संगठन का वार्षिक अधिवेशन 9 मई को घंटाघर स्थित सूर्य लोक होटल में होगा। इसमें संगठन का विस्तार किया जाएगा। पदाधिकारियों ने सभी शिक्षकों से भारी संख्या में पहुंचने की अपील की है।
इस अवसर पर महामंत्री अरविंद शर्मा, प्रभारी धनंजय शर्मा, मंडल अध्यक्ष अशोक सैनी, उपाध्यक्ष प्रवीण गुप्ता, केपी सिंह, महानगर अध्यक्ष अजय सिंह रावत, महानगर प्रभारी गययूर आलम, महामंत्री हंस कुमार और संगठन मंत्री मुजाहिद नदीम सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।
निजी स्कूलों के शोषण और किताबों की ब्लैक मार्केटिंग पर शिक्षक संघ ने जताया रोष