सहारनपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की मासिक वैज्ञानिक गोष्ठी का आयोजन जी.पी.ओ. रोड स्थित एक होटल के सभागार में किया गया। इस संगोष्ठी में चिकित्सा क्षेत्र की आधुनिक तकनीकों और गंभीर बीमारियों के उपचार पर विस्तार से चर्चा की गई। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली (गाजियाबाद) से आए विशेषज्ञ डॉ. राजेश डे ने लीवर की गंभीर बीमारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज का लीवर पूरी तरह से खराब हो चुका है, तो ऐसी स्थिति में दवाएं प्रभावी नहीं होतीं। ऐसी स्थिति में लीवर ट्रांसप्लांटेशन ही एकमात्र और सफल इलाज है।
डॉ. ख्याति भाटिया ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में प्रगति के चलते अब गले के कठिन से कठिन कैंसर की सर्जरी कार्बन डाइऑक्साइड लेजर और ट्रांसरोबोटिक सर्जरी के माध्यम से आसानी से की जा सकती है। इन आधुनिक विधियों का लाभ यह है कि इसमें रक्तस्राव (ब्ललीडिंग) बहुत कम होती है और मरीज को अस्पताल में भी कम समय तक रुकना पड़ता है। आई.एम.ए. के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण शर्मा ने सभी चिकित्सकों से अपील की कि वे अपने अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा से संबंधित शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। सचिव डॉ. नीरज आर्य ने सभी आगंतुक चिकित्सकों का स्वागत किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन वैज्ञानिक सचिव डॉ. कलीम अहमद ने किया।
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष डॉ. अनुपम मलिक, डॉ. मोहन सिंह, डॉ. मनदीप सिंह, डॉ. डी.के. गुप्ता, डॉ. नरेश नौसरान, डॉ. महेश ग्रोवर, डॉ. महेश चंद्रा, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. रेनू शर्मा, डॉ. साक्षी मलिक, डॉ. ननीता चंद्रा, डॉ. संजय यादव, डॉ. संदीप गर्ग, अनिल मलिक, डॉ. सुधीर अग्रवाल, डॉ. संजीव अग्रवाल, डॉ. रजनीश सिंघल, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. शशिकांत, डॉ. रविकांत, डॉ. वी.एस. पुंडीर, डॉ. अतुल जैन, डॉ. प्रशांत खन्ना, डॉ. आर.एस. पंवार, डॉ. विक्रांत मेहंदीरत्ता, डॉ. राज खन्ना, डॉ. विजय अग्रवाल, डॉ. सत्यानंद साथी आदि चिकित्सक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
अब लेजर और रोबोटिक तकनीक से आसान होगी गले के कैंसर की जटिल सर्जरी