सहारनपुर। हिंदुस्तानी पसमांदा मंच ने कहा है कि वह देश के मेहनतकश पसमांदा मुस्लिम समाज की आवाज बनकर उनके अधिकारों, सम्मान और समान अवसरों के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। मंच का उद्देश्य पसमांदा पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना और समाज को मुख्यधारा से जोड़ना है। मंच के पदाधिकारियों के अनुसार, पसमांदा समाज ने सदियों से अपने कौशल और मेहनत से देश की सेवा की है, लेकिन सामाजिक भेदभाव, राजनीतिक उपेक्षा और वोट बैंक की राजनीति के कारण उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा गया। अब इस स्थिति को बदलने के लिए मंच संगठित प्रयास कर रहा है।
मंच का यह भी मानना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर समाज में कई तरह के भ्रम फैलाए गए हैं, जबकि यह संगठन राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देता है। मंच ने पसमांदा समाज से अपील की है कि वे किसी भी संगठन के प्रति गलत धारणाएं न बनाएं और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाएं। हिंदुस्तानी पसमांदा मंच के कार्यकर्ता समय-समय पर सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम चलाते हैं। आतंकवाद के विरोध में पुतला दहन, “जय हिंद पदयात्रा” जैसे आयोजन और राष्ट्रीय मुद्दों पर समाज को जागरूक करने का कार्य भी मंच द्वारा किया जाता है। मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद शमशाद मीर ने बताया कि प्रमुख मांगों में पसमांदा समाज की अलग जाति जनगणना, विशेष छात्रवृत्ति, छात्रावास, कौशल विकास योजनाएं, पसमांदा कल्याण मंत्रालय और आयोग की स्थापना शामिल है। इसके अलावा पसमांदा छात्रों के लिए विशेष फेलोशिप और हॉस्टल की व्यवस्था कराने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
अंत में मंच ने कहा कि उसका मुख्य उद्देश्य पसमांदा समाज को सम्मान, न्याय और अवसर दिलाना है, साथ ही राष्ट्रहित और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना भी उसकी प्राथमिकता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजवान अंसारी, राष्ट्रीय सह संयोजक इदरीश खान, प्रदेश संयोजक शाहनवाज मलिक, क्षेत्रीय संयोजक रविश अंसारी, जिला संयोजक सादा वरिष्ठ कार्यकर्ता अरुण कुमार, अंकित कुमार आदि मौजूद रहे।
पसमांदा समाज की आवाज बुलंद, हिंदुस्तानी पसमांदा मंच ने की अलग मंत्रालय और जाति जनगणना की मांग