भरत तिवारी कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में स्वर्ण समाज में रोष

Anger in the upper caste community over the alleged police encounter of Bharat Tiwari

सहारनपुर। बिहार में हुई भरत तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इस घटना को लेकर सहारनपुर के स्वर्ण समाज में गहरा रोष और चिंता है। समाज के प्रतिनिधियों ने इस कथित एनकाउंटर को संदेहास्पद बताते हुए महामहिम को एक ज्ञापन प्रेषित किया है, जिसमें पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।
महामहिम को भेजे गए ज्ञापन में स्वर्ण समाज ने कहा है कि विभिन्न माध्यमों और जनचर्चाओं से जो जानकारी सामने आ रही है, उससे इस एनकाउंटर पर कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं। इस घटना से आम जनता के बीच न्याय व्यवस्था और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निष्पक्षता को लेकर आशंकाएं पैदा हो रही हैं।
स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने गरिमापूर्ण ढंग से अपनी बात रखते हुए कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के तहत न्याय पाने का अधिकार देता है। यदि किसी व्यक्ति पर कोई आरोप है, तब भी विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करना और उसके अधिकारों की रक्षा करना राज्य का संवैधानिक दायित्व है। स्वर्ण समाज ने महामहिम से केंद्र और राज्य सरकार को इस मामले में आवश्यक निर्देश देने की अपील की और उच्चस्तरीय जांचः पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र, गहन और निष्पक्ष विधिसम्मत जांच कराई जाए ताकि सत्य सामने आ सके। सक्षम निगरानीः इस जांच की निगरानी किसी सक्षम, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष अधिकारी या प्राधिकरण द्वारा की जानी चाहिए। सार्वजनिक हो रिपोर्टः जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए, जिससे आम जनता के सामने वास्तविक तथ्य स्पष्ट हो सकें। शहीद का दर्जाः मृतक भरत तिवारी को शहीद का दर्जा दिया जाए। आर्थिक सहायताः पीड़ित परिवार के भरण-पोषण और सहयोग के लिए 1 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की जाने की मांग की।
इस दौरान समाज के प्रबुद्ध और युवा प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से राजीव शर्मा, रोहित कौशिक, आचार्य वासुदेव, शुभम कौशिक, प्रद्युमन शर्मा, कान्हा राणा, अभिषेक राणा, अर्जुन पंडित, नागेंद्र राणा, मनमोहन शर्मा, अतुल पाराशर, आत्मानुभवि महाराज, सौरभ शर्मा, देवा ठाकुर, अभिषेक, डॉ. हर्षवर्धन शर्मा, के.के. शर्मा, सुरेंद्र शर्मा और आचार्य धर्मेंद्र आदि शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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