दिव्यांगों को कृत्रिम अंग बांटकर जैन समाज ने पेश की मानवता की मिसाल

By distributing artificial limbs to the differently-abled, the Jain community has set a shining example of humanity.

सहारनपुर। श्री पार्श्वनाथ सेवा संघ एवं विद्याग्रेस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को जैन धर्मशाला, जैन बाग में निशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 45 दिव्यांग बंधुओं को कृत्रिम हाथ-पैर लगाकर उन्हें आत्मनिर्भर जीवन की नई राह दिखाई गई। लाभार्थियों के चेहरे पर आत्मविश्वास की चमक देखते ही बन रही थी। कार्यक्रम का शुभारंभ जैन समाज अध्यक्ष राजेश कुमार जैन, जैन समाज संरक्षक और निवर्तमान नगराध्यक्ष भाजपा राकेश जैन, भाजपा महानगर अध्यक्ष शीतल बिश्नोई, डिप्टी मेयर मयंक गर्ग जैन समाज उपाध्यक्ष विपिन जैन, संस्था अध्यक्ष दीपक जैन एडवोकेट सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने भगवान महावीर के चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया। संचालन अमित जैन बिन्नी ने किया।
जैन समाज सहारनपुर के अध्यक्ष राजेश कुमार जैन ने अपने उद्बोधन में कहा, कृत्रिम अंग लगाना मानव सेवा का सर्वाेत्तम कार्य है। जब एक दिव्यांग भाई हमारे जैसा चलने-फिरने लगता है, अपना काम स्वयं कर पाता है, तो इससे बड़ा पुण्य कोई नहीं। श्री पार्श्वनाथ सेवा संघ और विद्याग्रेस फाउंडेशन इस नेक कार्य के लिए साधुवाद के पात्र हैं। उन्होंने बताया कि जैन समाज के तत्वावधान में श्री पार्श्वनाथ सेवा संघ पिछले कई वर्षों से यह सेवा कर रहा है। अब तक लगभग 2500 दिव्यांगजनों को निशुल्क कृत्रिम अंग लगाए जा चुके हैं। यह सिलसिला आगे भी निरंतर जारी रहेगा। संघ के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य इस पुनीत कार्य के लिए बधाई के पात्र हैं। भाजपा महानगर अध्यक्ष शीतल बिश्नोई ने कहा, दिव्यांगों को उनके पैरों पर खड़ा करना, ताकि वे सम्मान से रोजी-रोटी कमा सकें। यही मानवता की सच्ची सेवा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का श्सबका साथ, सबका विकास का संकल्प ऐसे शिविरों से साकार होता है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही भाजपा का लक्ष्य है और जैन समाज इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है। जैन समाज संरक्षक राकेश जैन ने कहा कि कृत्रिम अंग लगने से दिव्यांगजन सामान्य जीवन जी पाते हैं, यह महापुण्यशाली कार्य है। जैन धर्म का मूल सिद्धांत ही अहिंसा और सेवा है। किसी के जीवन में आशा की किरण जगाना सबसे बड़ा धर्म है। श्री पार्श्वनाथ सेवा संघ इस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, यह पूरे समाज के लिए गर्व की बात है।
वरिष्ठ समाजसेवी गृहस्थ जीवन के संत जे डी जैन ने कहा, श्यह शिविर केवल कृत्रिम अंग देने का कार्य नहीं, बल्कि हौसला और संबल देने का अभियान है। हमारा संकल्प है कि सहारनपुर में कोई भी दिव्यांग भाई-बहन असहाय न रहे। समाज के सहयोग से यह सेवा निरंतर चलती रहेगी। जैन समाज उपाध्यक्ष विपिन जैन ने कहा कि इस से पवित्र कार्य कोई और नहीं हो सकता। प्रीति जैन ने कहा, श्जब एक मां, एक बहन अपने पैरों पर खड़ी होती है तो पूरा परिवार सशक्त होता है। हम महिलाओं को ऐसे सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। ममता जैन ने भावुक होते हुए कहा, लाभार्थियों की आंखों में जो खुशी देखी, वह अनमोल है। सेवा का यह भाव ही हमें इंसान बनाता है। श्री पार्श्वनाथ सेवा संघ की बहनें आगे भी इस पुनीत कार्य में तन-मन-धन से सहयोग करती रहेंगी।। डिप्टी मेयर मयंक गर्ग ने इसे श्अंगदान महादानश् बताते हुए कहा कि इससे जीवन सरल व सफल बनता है। शिविर की सबसे प्रेरणादायक बात यह रही कि जैन समाज से प्रेरणा लेकर कृत्रिम अंग प्राप्त करने वाले पांच दिव्यांग बंधु कृ फूलचंद, वसीम, कृष्णपाल, अफजाल और हरि सिंह कृ ने स्वेच्छा से मांसाहार का त्याग करने का नियम लिया। शिविर में विपिन जैन, चौधरी अनुज जैन, संदीप जैन, चंद्र भैया, पार्षद गौरव जैन अनुज जैन, मनोज जैन मानसिंह जैन, अनिल जैन सीए, दीपक जैन विजयलक्ष्मी जैन, मितुल जैन, शिल्पा जैन, रेनू जैन, सरिता जैन, निधि जैन, नेहा जैन पूजा जैन रुचिका जैन श्वेता जैन अंजू जैन सुषमा जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के सदस्य मौजूद रहे।

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