सहारनपुर। पृथक पश्चिम प्रदेश के गठन और किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आज पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा के नेतृत्व में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा एवं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने मांग की कि उत्तर प्रदेश को चार भागों में विभाजित कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों को मिलाकर पृथक “पश्चिम प्रदेश” का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में अलग राज्य की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार को राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन करना चाहिए।
ज्ञापन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए सहारनपुर, मेरठ और आगरा में एम्स की स्थापना, मेरठ में तत्काल मिनी सचिवालय और हाईकोर्ट बेंच की स्थापना, तथा क्षेत्र में आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी खोलने की मांग की गई। साथ ही शिक्षा एवं चिकित्सा को निशुल्क किए जाने और सभी हाईवे व सड़कों से टोल टैक्स समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान लगातार कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं। उन्होंने मांग की कि किसानों का समस्त कर्ज माफ किया जाए तथा डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को तत्काल लागू कर एमएसपी को कानूनी गारंटी दी जाए। उन्होंने मनरेगा योजना को सीधे खेती से जोड़ने और 58 वर्ष से अधिक आयु के किसान-मजदूरों को घ्10,000 प्रतिमाह वृद्धावस्था पेंशन देने की भी मांग की।
गन्ना किसानों की समस्याओं पर बोलते हुए भगत सिंह वर्मा ने कहा कि किसानों को गन्ने का लाभकारी मूल्य घ्700 प्रति कुंतल नकद मिलना चाहिए। साथ ही चीनी मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान और ब्याज का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गन्ना नियंत्रण आदेश 1966 में बदलाव कर चीनी मिलों को लाभ पहुंचाना चाहती है, जबकि किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित शुगर कंट्रोल ऑर्डर 2026 में छोटे कुटीर उद्योगों, गन्ना कोल्हू और क्रेशरों को बंद करने जैसी नीतियां किसानों के हित में नहीं हैं और किसान इसका विरोध करेंगे। उन्होंने मांग की कि नए आदेश में किसानों को सी2 प्लस 50 प्रतिशत फार्मूले के आधार पर गन्ने का मूल्य निर्धारित करने तथा घटतौली करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रावधान शामिल किए जाएं।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में रजत शर्मा, पंडित नीरज कपिल, दुष्यंत सिंह, धर्मवीर चौधरी, एजाज अहमद, धर्मपाल जोशी, सुरेंद्र सिंह एडवोकेट, दीपक चौधरी और महबूब हसन सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पृथक पश्चिम उत्तर प्रदेश के गठन और किसान समस्याओं को लेकर डीएम को सौंपा 15 सूत्रीय ज्ञापन