सहारनपुर। जनपद में उर्वरक की कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखनौर क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में खड़े यूरिया से भरे एक ट्रक को पकड़कर सीज कर दिया। यह कार्रवाई नियमित निरीक्षण के दौरान की गई, जिससे अवैध उर्वरक परिवहन का मामला उजागर हुआ। जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार मावी ने बताया कि वह सहारनपुर से सीडकी की ओर उर्वरक वितरण की सामान्य जांच पर निकले थे। इसी दौरान लाखनौर स्थित बिजलीघर सबस्टेशन के पास एक संदिग्ध ट्रक खड़ा दिखाई दिया। नजदीक जाकर जांच करने पर ट्रक का पिछला गेट खुला मिला, जिसमें इफको कंपनी के यूरिया के बैग भरे हुए थे। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति अधिकारियों की गाड़ी देखते ही फरार हो गया।
उन्होंने बताया कि ट्रक नंबर एचआर67बी6542 के आधार पर वाहन स्वामी की पहचान मोहम्मद इरफान पुत्र सोकत अली, निवासी खजूरी रोड, शादीपुर (यमुनानगर, हरियाणा) के रूप में हुई। संपर्क करने पर संबंधित व्यक्ति ने बताया कि उर्वरक बिजनौर से लाया गया है और वह बिल लेकर पहुंच रहा है, लेकिन दोपहर 12ः20 बजे तक कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
मामले की सूचना उपजिलाधिकारी सदर को दी गई, जिन्होंने नायब तहसीलदार को मौके पर भेजकर ट्रक सीज कराने के निर्देश दिए। इफको के प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार ने भी पुष्टि की कि उक्त यूरिया बिजनौर जनपद के लिए ही आपूर्ति किया गया था। इसके बाद थाना नागल पुलिस मौके पर पहुंची और सब-इंस्पेक्टर योगेंद्र चौधरी की निगरानी में ट्रक समेत पूरा उर्वरक कब्जे में ले लिया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कृत्य उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 तथा उर्वरक परिसंचलन नियंत्रण आदेश 1973 का उल्लंघन है। मामले में ट्रक मालिक मोहम्मद इरफान के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
यूरिया की कालाबाजारी पर प्रशासन का चाबुक, संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ा ट्रक सीज