शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में मशरूम उत्पादन पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न

Two-day workshop on mushroom production concluded at Shobhit University, Gangoh

सहारनपुर। शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह के स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल इंजीनियरिंग एंड साइंसेज एवं स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड एनवायरनमेंटल साइंसेज विभाग द्वारा 20 एवं 21 अप्रैल 2026 में आयोजित मशरूम उत्पादन विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन किया गया। यह कार्यशाला टैकजीन ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, देहरादून के सहयोग द्वारा आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना तथा .षि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना था।
कार्यशाला का शुभारंभ शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह, कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह, डीन रिसर्च एंड एसबीईएस प्रो.(डॉ.) राजीव दत्ता एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. सचिन चौहान (निदेशक एवं प्रधान वैज्ञानिक, टैकजीन) एवं प्रशांत कुमार चौधरी एवं कार्यक्रम में उपस्थित अन्य शिक्षकगण ने मां सरस्वती एवं बाबू विजेंद्र की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया।
कार्यशाला की शुरुआत में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. सचिन चौहान एवं प्रशांत कुमार चौधरी जी को पुष्पगुच्छ एवं विश्वविद्यालय स्मृति चिन्ह भेट कर उनका स्वागत किया गया। ततपश्चात विशिष्ट अतिथि डॉ. सचिन चौहान एवं प्रशांत कुमार चौधरी ने सभी छात्र एवं छात्राओं को अपने व्यावहारिक अनुभवों एवं मार्गदर्शन द्वारा मशरूम की विभिन्न प्रजातियों, उत्पादन तकनीकों, सब्सट्रेट तैयारी, स्पॉन उत्पादन, रोग प्रबंधन एवं विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह ने कार्यशाला के आयोजकों को अनेक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ग्रामीण युवाओं को मशरूम-आधारित स्टार्टअप और मूल्यवर्धन को अपनाने के लिए आगे बढ़कर कार्य करना चाहिए न कि केवल खेती तक सीमित रहना चाहिए। कार्यशाला की समन्वयक डॉ. गरिमा वर्मा ने कार्यक्रम का सञ्चालन किया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. शिवानी, विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार का विशेष योगदान रहा। इसके अतिरिक्त संकाय सदस्य एवं संचालक टीम में डॉ. अनिल पांडे, डॉ. ऋषभ चित्रांशी, डॉ. सरिता शर्मा, डॉ. विकास कुमार, बद्रीश तिवारी, दीपक, अंकुर कुमार, पारुल सैनी, अनम चौधरी, सोनाली राव, राज कुमार एवं अक्षित का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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