सहारनपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक पीड़ित से ठगी गई रकम में से 2 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि सकुशल उसके बैंक खाते में वापस करा दी है। अपनी गाढ़ी कमाई वापस पाकर पीड़ित ने सहारनपुर पुलिस का दिल से आभार व्यक्त किया है।
बीते साल 6 जून 2025 को कस्बा अम्बेहटा (थाना नकुड़, सहारनपुर) के निवासी इरफान पुत्र हाजी अब्दुल गफूर ने थाना साइबर क्राइम पर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया था कि एक अज्ञात जालसाज ने उनके व्हाट्सऐप पर संपर्क किया और एक फर्जी कंपनी में निवेश (प्दअमेउमदज) कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। झांसे में आकर पीड़ित इरफान ने अलग-अलग किस्तों में कुल 10,00,000 (दस लाख) रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए थे। इस शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना साइबर क्राइम, सहारनपुर में मु0अ0सं0 31ध्2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (ठछै) की धारा 318(4), 319(2) और 66डी आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक नगरध्नोडल अधिकारी (साइबर अपराध) एवं क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के निकट पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक थाना साइबर क्राइम के कुशल नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से ठगों के बैंक खातों को ट्रैक किया और त्वरित कार्रवाई करते हुए उन खातों को फ्रीज करवाया। पुलिस के इस त्वरित एक्शन के चलते पीड़ित इरफान के ठगे गए 10 लाख रुपये में से 2,50,000 रुपये की धनराशि को सफलतापूर्वक उनके मूल खाते में वापस (रिफंड) करा दिया गया। शेष धनराशि को भी वापस कराने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। साइबर पुलिस की अपीलः सहारनपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अनजान व्हाट्सऐप नंबरों या सोशल मीडिया पर आने वाले ष्घर बैठे कमाई या ष्कम समय में पैसा दोगुना करनेष् वाले निवेश के झांसों में न आएं। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर ठगी के शिकार पीड़ित के खाते में वापस कराए 2,50,000