सहारनपुर। सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के युवा फिल्मकारों रवि कर्णवाल और शुभम शर्मा ने देशभर में उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, भारत की ह्यूमन राइट्स शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता में उनकी डॉक्युमेंट्री सेकंड चांस को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
देशभर से आयी 526 प्रविष्टियों में, 24 भाषाओं के बीच, कठोर तीन-चरणीय चयन प्रक्रिया से गुजरते हुए केवल सात फिल्मों को पुरस्.त किया गया, जिनमें सेकंड चांस भी शामिल रही। एनएचआरसी अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यन, सदस्य न्यायमूर्ति (डॉ.) बिद्युत रंजन सारंगी और सदस्य विजया भारती सयानी सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
यह डॉक्यूमेंट्री जेल की ऊंची दीवारों के पीछे बंद उन इंसानों की कहानी है जो गलती करते हैं, पछताते हैं और बदलना चाहते हैं, लेकिन क्या समाज उन्हें दूसरा मौका देता है? कैदियों के जीवन, उनके पुनर्वास और मानवाधिकारों की यह संवेदनशील और साहसी पड़ताल ने एनएचआरसी के मंच पर सबका दिल जीता।
रवि कर्णवाल और शुभम शर्मा ने कहा यह पुरस्कार हमें नहीं, उन हजारों कैदियों को मिला है जिनकी जिंदगी को हमने अपनी फिल्म में दिखाने की कोशिश की। डॉक्युमेंट्री के निर्देशक हर्षित मिश्रा व डीओपी निवान प्राचूर्य और निर्माता दीपा धामी है।
रवि कर्णवाल और शुभम शर्मा सेकंड चांस की पूरी टीम का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, जिनके अथक परिश्रम और समर्पण ने इस फिल्म को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। रवि कर्णवाल पद्मश्री निरंजन गोस्वामी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित एक कुशल अभिनेता, लेखक और अभिनय कोच हैं।
सहारनपुर के युवाओं ने देशभर में बढ़ाया यूपी का मान, मानवाधिकार आयोग की फिल्म प्रतियोगिता में जीता बड़ा पुरस्कार