सहारनपुर। सेंट थॉमस चर्च सहारनपुर में ईस्टर की आराधना का आयोजन किया गया जिसमें शहर के सभी सम्मानित लोगों ने भाग लिया एवं यीशु मसीह के पुनरुत्थान दिवस को आनंद के साथ मनाया गया। आज ईस्टर के दिन यीशु मसीह मृतकों में से जीवित हो गये थे।
आराधना का संचालन फादर संजय एबल सिंह ने किया। उन्होने लोगों को बताया की यीशु की मृत्यु पापों का मुल्य चुकाने का दिन था और तीसरे दिन उनका जीवित हो जाना मृत्यु को हराकर अनन्त जीवन मे प्रवेश का दिन है। इस दिन को ईस्टर के रूप में मनाते हैं। इस दिन सेंट थॉमस चर्च मे प्रातः भोर को कैडल मार्च निकाला गया एव गीतों को गाकर यीशु के जीवित हो जाने का संदेश दिया। फादर संजय ने लोगों को बताया कि यीशु का पुनरुत्थान संसार के लिए एक अदभुत घटना है। उन्होंने अपने जीवन में संसार को क्षमा, प्रेम और मानवता के लिए बलिदान होने का संदेश दिया। फादर संजय ने लोगों से संसार के वर्तमान समय में क्षमा एव प्रेम को अपनाने का आव्हान किया। उन्होने कहा वर्तमान समय मे यीशु के संदेश को जो अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम के विषय में बताता है को अपनाने की आवश्यक्ता है। उन्होने बताया कि यीशु का पुनरुत्थान पाप से मुक्ति और मोक्ष के द्वार को खोलता है। जो कोई उस पर विश्वास करता है वह भी हमेशा की जिन्दगी का हकदार होगा।
इस आराधना मे सभी ने यीशु की महीमा मे पुनरुत्थान के गीतो को गया। संडे स्कूल के बच्चो ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए और जवानों ने सुंदर गीतों को गाकर आराधना की। इस अवसर जर शहर के गण्यमान्यों ने चर्च में आराधना में भाग लिया, जिनमे अभित सेन, अरुण, डैनिस, प्रिंस, अमित कुमार, मून, रोहित, घूलिचंद कुईनी सिंह, अक्शा, सिंथिया, जिनी, द्विया, मैरी, नीलम, अनीता, रितू, रोशना, कुमार आण्टी और भी बहुत से व्यक्तियों ने हिस्सा लिया।
यीशु का पुनरुत्थान पापों से मुक्ति और मोक्ष का द्वारः फादर संजय एबल सिंह