रोष सप्ताह के पहले दिन रेलकर्मियों का जोरदार प्रदर्शन, निजीकरण के खिलाफ खोला मोर्चा

सहारनपुर। उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय नेत्तृव के आह्वान पर रेलवे कर्मचारियों ने मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 06 अप्रैल से 10 अप्रैल तक रोष सप्ताह के पहले दिन रेलकर्मियों ने प्रदर्षन किया और निजीकरण के बढ़ रहे प्रयासों की जमकर आलोचना कर इस पर अंकुष लगाने की मांग है। आज राट्रीय नेत्तृव के आह्वान यूनियन से जुडे़ रेल कर्मचारी स्टेषन के मुख्यद्वार पर एकत्रित हुये और रोष सप्ताह के पहले दिन नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। यूनियन का आरोप है कि सरकार रेलवे के विभिन्न कार्यों को निजी हाथों में सौंपकर धीरे-धीरे रेलवे का निजीकरण करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जो श्रम नियमों के विरुद्ध है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि रेलवे स्टेशनों, कोच मेंटेनेंस, सिग्नलिंग, इंजन व कोच रिपेयर, बुकिंग और आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य ठेकेदारों को दिए जा रहे हैं, जिससे कर्मचारियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करना, एनपीएस/यूपीएस की समीक्षा, कोरोना काल में रोकी गई महंगाई भत्ते की तीन किस्तों का भुगतान, रिक्त पदों को तत्काल भरना और ठेका प्रथा पर रोक लगाना शामिल है। इसके अलावा आठवें वेतन आयोग में महंगाई के अनुसार वेतन निर्धारण, न्यूनतम और अधिकतम वेतन के अंतर को कम करना तथा 3.5 गुणांक (फिटमेंट फैक्टर) लागू करने की मांग भी उठाई गई है। तकनीकी कर्मचारियों, ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, टीटीई और वाणिज्य कर्मचारियों को 10,000 रुपये यूनिफॉर्म भत्ता देने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई। यूनियन ने अप्रेंटिस युवाओं को नौकरी देने, लार्जर स्कीम को पुनः लागू करने तथा विभिन्न भत्तों और लंबित अपग्रेडेशन को शीघ्र लागू करने की भी मांग की है। साथ ही रेलवे आवासों की खराब स्थिति में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान आयोजित बैठक में अजय बिरला, राम प्रीत, बाबूराम, राजन वत्स, राजेन्द्र सिंह, संजय सिंह, अर्जुन सिंह, अनुज कुमार, ताराचंद, उपेन्द्र गुप्ता, सुरेन्द्र, रविन्द्र, राजेश, कुसविन्द्र, रोहित, विजय सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *