संसद के नियम सर्वाेपरि, प्रधानमंत्री भी उनसे ऊपर नहींः स्पीकर ओम बिरला

Parliament's rules are supreme, even the Prime Minister is not above them: Speaker Om Birla

अविश्वास प्रस्ताव पर चली लंबी और तीखी बहस के समापन के बाद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज पहली बार सदन की कार्यवाही का संचालन किया। आसन ग्रहण करते ही उन्होंने लोकतंत्र की मर्यादा, विपक्ष की भूमिका और संसदीय नियमों की सर्वाेच्चता पर अपनी बात रखी।
विपक्ष के साथ हुए हालिया गतिरोध का परोक्ष रूप से उल्लेख करते हुए ओम बिरला ने कहा कि एक जीवंत लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष का होना अनिवार्य शर्त है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि आसन की ओर से नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने से कभी नहीं रोका गया और न ही ऐसा कोई इरादा है।
स्पीकर ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि सदन की गरिमा नियमों से चलती है। उन्होंने कहा कि संसद के नियम और प्रक्रियाएं सबसे ऊपर हैं। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह देश का प्रधानमंत्री ही क्यों न हो, सदन के नियमों से ऊपर नहीं है। लोकतंत्र की शक्ति इसी अनुशासन में निहित है।
पिछले दो दिनों की कार्यवाही का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव पर 12 घंटे से अधिक समय तक सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सदन 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतीक है और हर सांसद यहाँ अपनी जनता की समस्याओं का समाधान खोजने आता है।

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