सहारनपुर। देवबंद में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय श्री हरि कथा के तृतीय दिवस पर आज रामचरितमानस के सुंदरकांड का अत्यंत भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की शिष्याएं साध्वी सुष्री अम्बालिका भारती जी, सोम प्रभा भारती जी एवं पूजा भारती जी ने अपने प्रवचनों के माध्यम से प्रभु श्री राम की दिव्य लीलाओं का सुंदर वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति एवं ब्रह्मज्ञान का संदेश दिया।
कथा के दौरान बताया गया कि किस प्रकार प्रभु श्री राम अपने भक्तों पर असीम कृपा करते हुए उन्हें ब्रर्ह्मज्ञान में दीक्षित करते हैं। सुंदरकांड के माध्यम से हनुमान जी की अटूट भक्ति, समर्पण और प्रभु के प्रति उनके अद्वितीय विश्वास को उजागर किया गया, जो हर भक्त के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
साध्वी जी ने समझाया कि जब साधक सच्चे मन से प्रभु का स्मरण करता है, तो प्रभु स्वयं उसे ज्ञान के मार्ग पर अग्रसर करते हैं और उसके जीवन के सभी कष्टों का निवारण करते हैं। सुंदरकांड का यह प्रसंग न केवल भक्ति की महिमा को दर्शाता है, बल्कि यह भी सिखाता है कि जीवन में गुरु के मार्गदर्शन से ही सच्चे ज्ञान की प्राप्ति संभव है। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान करते हुए आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया और प्रभु श्री राम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया और वातावरण “जय श्री राम” के जयकारों से गूंज उठा।
श्री हरि कथा के अंतिम दिन सुंदरकांड की महिमा से मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु